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प्याज कटाई: – वर्षो बाद किसानों को मिल रहे लागत से अधिक भाव

- हर वर्ष 5-6 रुपए ही भाव, इस बार 10-12 रुपए प्रति किलो भाव - कोरोना इम्पेक्ट- भण्डारण व पैकिंग में मजदूरों की कमी - मनरेगा से मस्टररोल जारी करने की मांग
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जोधपुर

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Amit Dave

May 19, 2021

प्याज कटाई: - वर्षो बाद किसानों को मिल रहे लागत से अधिक भाव

प्याज कटाई: - वर्षो बाद किसानों को मिल रहे लागत से अधिक भाव

जोधपुर।

जोधपुर जिले में बड़े पैमाने पर प्याज की खेती होती है। फ सल की कटाई के समय बाजार भाव लागत से कम रहने से किसानों के लिए एक तरह से जुआ बनी हुई थी लेकिन इस बार कई वर्षो बाद किसानों को प्याज की कटाई के समय ही लागत से अधिक भाव मिल रहे है। किसानों को प्याज उत्पादन की लागत 10-12 रुपए किलो आती है, जो हर बार फ सल कटाई के समय 4-5 रुपए किलो बिकता था और किसानों के खेतों से फ सल निकलने के बाद प्याज के दाम आसमान छू जाते थे लेकिन इस बार प्याज की कटाई के समय ही किसानो को 10-12 रुपए किलो से प्याज बिक रहा है, इससे किसानों के चेहरे खिले हुए है।

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भण्डारण व मजदूरों की कमी, किसान चिंतित

जहां अच्छे दाम मिलने की उम्मीद में किसान खुश है, वहीं प्याज की फ सल की कटाई, भण्डारण व पैकिंग के लिए मजदूरों का अभाव होने से फ सल कटाई में हो रही देरी से किसान चिंतित है। फ सल खुदाई में ज्यादा देरी होने पर उसमें दाग लगने से प्याज खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।

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जिले में प्याज

बुवाई--- उत्पादन

17000 हैक्टेयर--- 850000 मीट्रिक टन

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भारतीय किसान संघ की ओर से जिला कलक्टर को पत्र लिखकर मनरेगा में लगे मजदूरों के मस्टरोल किसानों को प्याज की फ सल खुदाई, भण्डारण व पैकिंग के लिए उपलब्ध करवाने की मांग की है।

तुलछाराम सिंवर, प्रांत प्रचार प्रमुख

भारतीय किसान संघ, जोधपुर