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राज्य सरकार ने थोपी किसान कल्याण फीस, मंडियां बंद होने से पड़ौसी राज्यों में माल का पलायन हुआ शुरू

राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में कृषि जिंसों की खरीद-फरोख्त पर दो प्रतिशत किसान कल्याण फीस के रूप में नया कर थोप देने से व्यापार प्रभावित हो गया है। प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियां बंद हैं व कारोबार चौपट हो रहा है। इसका असर प्रदेश की सबसे बड़ी जीरा मंडी में भी देखने को मिला
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farmers protest for kisan kalyan fees imposed by state government

राज्य सरकार ने थोपी किसान कल्याण फीस, मंडियां बंद होने से पड़ौसी राज्यों में माल का पलायन हुआ शुरू

अमित दवे/जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में कृषि जिंसों की खरीद-फरोख्त पर दो प्रतिशत किसान कल्याण फीस के रूप में नया कर थोप देने से व्यापार प्रभावित हो गया है। प्रदेश की सभी कृषि उपज मंडियां बंद हैं व कारोबार चौपट हो रहा है। इसका असर प्रदेश की सबसे बड़ी जीरा मंडी में भी देखने को मिला, जहां तीन दिन में कृषि जिंसों की आवक नहीं होने से माल गुजरात सहित अन्य पड़ौसी राज्यों में पलायन कर गया है।

लॉकडाउन में अच्छा कारोबार भी हो रहा था लेकिन सरकार के इस कदम के विरोध में मंडिय़ों में व्यापार कार्य बंद हो गया है। मंडियां बंद होने से इनमें काम करने वाले हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। जोधपुर में जीरा मंडी के अलावा मण्डोर कृषि उपज मंडी व भगत की कोठी कृषि उपज मंडी है।

तीन दिनों में पड़ौसी राज्यों में माल पलायन की स्थिति
गुजरात ऊंझा मंडी में आवक (बोरी में)
तिथि--------- जीरा---- इसब

6 मई--- 31000-- 21000
7 मई--- 29000-- 20000
8 मई--- 35000-- 19500
जबकि इन पिछले तीन दिनों में जीरा मंंडी बंद होने से एक बोरी भी नहीं आई।

वर्ष 2019 में 6 से 8 मई की स्थिति (बोरी में)
तिथि--------- जीरा---- इसब
6 मई--- 19000-- 14000
7 मई--- 15000-- 12000
8 मई--- 14000-- 14000

हो रही राजस्व हानि
जीरा मंडी सहित सभी मंडिय़ां बंद है। किसानों के फोन आ रहे है। यहां मंडी बंद होने से वे अपनी उपज लेकर गुजरात जा रहे है। इससे व्यापार चौपट होने के साथ सरकार को बहुत बड़ी राजस्व हानि हो रही है।
- पुरुषोत्तम मूंदड़ा, अध्यक्ष, जोधपुर जीरा मंडी व्यापार संघ