
acb filed FIR against former jda chairman, jodhpur
मानसागर आदर्श कॉलोनी स्थित सामुदायिक भवन के प्रथम तल के निर्माण कार्य की अलग-अलग वित्तीय वर्ष में दो निविदा एक ही फर्म को देने तथा कार्य होने के बाद कार्य स्थानान्तरण करने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जोधपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सोलंकी, वार्ड-54 की पूर्व पार्षद बेबी सामरिया तथा जेडीए के पूर्व आयुक्त शफी मोहम्मद कुरैशी व उपायुक्त उदयभानू चारण सहित 17 अधिकारी व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की है। एक ही कार्य के दो ठेके लेने व 3.84 लाख रुपए का अधिक भुगतान लेकर गबन करने वाली फर्म के मालिक को भी आरोपी बनाया गया है।
ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक अजयपाल लाम्बा ने बताया कि प्रकरण में प्रारम्भिक जांच (पीई) दर्ज कर अनुसंधान किया गया था। जिसमें सरकारी खजाने को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने तथा आरोपों की पुष्टि हुई थी। इस पर जेडीए के तत्कालीन अध्यक्ष व कांग्रेस नेता राजेन्द्रसिंह सोलंकी, तत्कालीन आयुक्त शफी मोहम्मद कुरैशी, तत्कालीन उपायुक्त उदयभानू चारण, वित्त निदेशक रामप्रताप शर्मा, तत्कालीन अभियांत्रिकी निदेशक केके माथुर, अधीक्षण अभियंता रामलाल सियाग, अधिशाषी अभियंता आलोक मालवीय, हिम्मत सिंह गहलोत, मोहनलाल शर्मा, सहायक अभियंता भंवरलाल सुथार, निर्मल माथुर, आलोक माथुर, कनिष्ठ अभियंता श्रीमती संतोष चौधरी, जितेन्द्र मेवाड़ा, सहायक लेखाधिकारी केवलचंद गहलोत, लेखा शाखा के लिपिक/गैंगमेन खलील खां, लेखाकार गोविंद प्रसाद वैष्णव, कनिष्ठ लेखाकार दीपक गोयल, पूर्व पार्षद बेबी सामरिया तथा कार्य करने वाली मैसर्स चन्द्रविजय इंटरप्राईजेज के प्रोपराईटर विजय सिंह गहलोत तथा अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। निरीक्षक राजेन्द्र सिंह चारण को जांच सौंपी गई है।
एकल निविदा से जारी किए एक ही काम के दो ठेके
जेडीए ने वित्तीय वर्ष 2012-13 में मानसागर आदर्श कॉलोनी में सामुदायिक भवन के प्रथम तल के निर्माण कार्य के लिए 25 लाख रुपए की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी की थी। एकल निविदा से यह ठेका मैसर्स चन्द्रविजय इंटरप्राईजेज के विजयसिंह गहलोत को दे दिया गया था।
यह कार्य प्रगति पर ही था कि तभी अगले वित्तीय वर्ष 2013-14 में कॉलोनी के ही सामुदायिक भवन के प्रथम के निर्माण कार्य के नाम से आरोपियों ने मिलीभगत कर 70 लाख रुपए की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी कर ई-टेण्डर से मैसर्स चन्द्रविजय इंटरप्राईजेज को दूसरा ठेका दे दिया था।
नियम विरूद्ध किया पार्क में निर्माण कार्य
भौतिक सत्यापन में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2012-13 में जो ठेका जारी हुआ था कि उसका कार्य सामुदायिक भवन के प्रथम तल व साथ स्थित चामुण्डा माता मंदिर परिसर में कराया गया। जबकि दूसरे वित्तीय वर्ष वाला निर्माण कार्य भवन के पास स्थित मानसागर पार्क में किया गया। जबकि ठेका भवन के लिए जारी हुआ था। तब जेडीए बोर्ड की बैठक में कार्य स्थानान्तरण का प्रस्ताव पास किया गया, लेकिन स्थानान्तरण प्रस्ताव पास करने से पहले ही कार्य के बिल तक पास कर दिए गए थे।
दोनों ठेकों की राशि भी एक करोड़ पांच लाख बढ़ाई
वित्तीय वर्ष 2012-13 में जारी ठेके की राशि 25 लाख रुपए स्वीकृत थी। तब वार्ड 54 की पूर्व पार्षद बेबी सामरिया ने जेडीए के तत्कालीन अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सोलंकी को पत्र लिखकर अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया था। जिस पर जेडीए के पूर्व अध्यक्ष तथा अधिकारी व कर्मचारियों ने जरूरत न होने पर भी एक करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दी थी। दूसरे वित्तीय वर्ष वाले ठेके की राशि भी 70 लाख रुपए से बढ़ाकर एक करोड़ रुपए कर दी गई थी।
3.84 लाख का अधिक भुगतान भी उठाया
सामुदायिक भवन निर्माण के तीसरे रनिंग बिल की माप पुस्तिका की जांच की गई। जिसके माध्यम से 39,66,303.78 रु का भुगतान होना दर्शाया गया था। जबकि कमेटी की ओर से मूल्यांकन करने पर मौके का कार्य 39,23,839.15 रुपए का कार्य ही सामने आया। मैसर्स चन्द्रविजय इंटरप्राईजेज को 42,464.63 रुपए का अधिक भुगतान कर सरकारी खजाने में गबन किया गया। वहीं, पार्क में निर्माण कार्य का कमेटी ने भौतिक जांच कर मूल्यांकन किया तो 3,42,231.6 रुपए के अधिक भुगतान होने का पता लगा। इस प्रकार फर्म ने 3,84,695.79 लाख रुपए का गबन किया।
बदले की भावना एवं षडयंत्र रचकर भाजपा कर रही कार्यवाही
भाजपा बदले की भावना से कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर से जिला स्तर तक प्रत्येक राजनेता एवं कार्यकर्ताओं पर सुनियोजित षडयंत्र पूर्वक झूठे मुकदमे किये जा रहे हैं। दर्ज किए गए मुकदमे राजनीतिक स्टंट हैं। राजनीतिक जीवन में सिर्फ जनहित के कार्यों को ही प्राथमिकता दी और किसी भी कार्य में कोई अनियमितताएं नहीं की।
संपूर्ण शहर में बिना राजनीतिक भेदभाव के विकास कार्य करवाएं, लेकिन अब सरकार एसीबी के अफ सरों पर अनावश्यक दबाव बनाकर झूठे मुकदमे दर्ज करवा कर कांग्रेस व उनके नेताओं की छवि खराब करने में जुटी हुई है। जनप्रतिनिधि या आम जनता अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्य करवाने के लिए प्रस्ताव देती थी तो वे बिना राजनीतिक भेदभाव बरते प्रस्ताव संबंधित अफ सर या विभाग को भिजवाया था।
मेरे कार्यकाल में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं आमजन द्वारा जो भी मांग जनहित में की गई उन्हें पूर्णतया नियमानुसार करवाया गया है। भाजपा सरकार बिना राजनीतिक भेदभाव किए अगर एसीबी के अफसरों पर अनावश्यक दबाव बनाए आरोपों की जांच करवाती है तो विकास कार्यों में अनियमितताओं के सभी आरोप झूठे साबित होंगे। - राजेंद्र सिंह सोलंकी, पूर्व अध्यक्ष, जेडीए
Published on:
10 Jun 2016 12:33 pm
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