10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आम आदमी पर पहले कोरोना और अब महंगाई की मार, टमाटर हुआ ‘लाल’

- टमाटर 70-80 रुपए किलो बिक रहा, आवक कम- अन्य सब्जियां भी महंगी- प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में बारिश से टमाटर की फसल खराब
2 min read
Google source verification
आम आदमी पर पहले कोरोना और अब महंगाई की मार, टमाटर हुआ ‘लाल’

आम आदमी पर पहले कोरोना और अब महंगाई की मार, टमाटर हुआ ‘लाल’

जोधपुर। आम आदमी पर पहले कोरोना और अब महंगाई की मार पड़ रही है। डीजल-पेट्रोल के दाम में लगी आग अब आदमी की रसोई तक पहुंच गई है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढऩे से ट्रांसपोर्ट महंगा हो गया है। वहीं बेमौसम बारिश की मार भी महंगाई के रूप में पड़ रही है। इससे टमाटर ‘लाल’ हो गया है, वहीं अन्य सब्जियों के भाव भी आसमान पर पहुंच गए हैं। मंडियों में लोकल सब्जियों की आवक घटने व बाहर से आ रही सब्जियों का ट्रांसपोर्ट खर्च बढऩे से सब्जियों के दाम दो से तीन गुना तक बढ़ गए है।

बेमौसम बारिश से आवक कम
टमाटर उत्पादक प्रमुख राज्यों महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश में बारिश से टमाटर की फसल खराब हो गई है, इससे आवक कम हो गई। जोधपुर के आसपास के क्षेत्रों से भी पर्याप्त सप्लाई नहीं है। सप्लाई कम व मांग ज्यादा होने से भी टमाटर महंगा हो गया है। जोधपुर में अभी नासिक से टमाटर आ रहा है।

उपभोक्ताओं पर दोहरी मार
सब्जियों की कीमत में आई महंगाई से उपभोक्ता पर दोहरी मार पड़ रही है। एक ओर जहां पेट्रोल-डीजल से परिवहन और अन्य उत्पाद महंगे हो गए है, वहीं अब सब्जी की कीमतों में इजाफे से बचत पर सीधा असर पड़ा है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि अन्य राज्यों से आने वाली फल-सब्जियों की कीमतों में तेजी परिवहन शुल्क बढऩे से है।

सब्जियों की कीमत (होलसेल/रिटेल भाव प्रति किलो में )
सब्जी-- होलसेल -- रिटेल
टमाटमर- ५०-६० --- ७०-८०
प्याज- २०-२५ --- ३५-४०
मिर्च- २५-४० --- ५०-६०
शिमला मिर्च- ५५-६० --- ७५-८०
ग्वार फली- ५०-६० --- ७०-७५
टिण्डी- २०-२५ --- ३०-४०
भिंडी ४०-५० --- ६०-७०
पत्ता गोभी- २५-४० ---४५-५५
फूल गोभी- ४५-५० ---६०-६५
नीम्बू- ३५-४० --- ५०-६०
धनिया--- ३५-४० ---- ५०-९०

बाहरी राज्यों से टमाटर कम आ रहा है। किराया-भाड़ा ज्यादा, मांग ज्यादा है, इसलिए टमाटर सहित अन्य सब्जियां महंगी हुई है।
नरेन्द्रसिंह परिहार, अध्यक्ष
फल सब्जी मंडी व्यापारी एवं विक्रता यूनियन सीटू

घर चलाना मुश्किल
कोरोना काल से ही सब्जियां महंगी आ रही है, एेसे में घर चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार को महंगाई रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
रेशमबाला

बिगड़ गया बजट
सब्जियां महंगी होने से घर का बजट बिगड़ रहा है। रसोई गैस, किराना के साथ अब महंगी सब्जियों के दामों से घर चलाना भी मुश्किल हो गया है।
बिन्दु टाक