
जोधपुर.
सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित तूरजी का झालरा में शनिवार रात तैरने उतरा युवक गहरे पानी में चला गया। उसके चिल्लाने की आवाज सुन झालरे के सामने रेस्टोरेंट में बैठी जर्मन महिला और कोरियाई युवक भी पानी में कूद गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद युवक को निकाल लिया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
युवक को बचाने झालरे में जा कूदे
पुलिस ने बताया कि रात करीब आठ बजे झालरे में तैर रहा युवक गहरे पानी में चला गया। उसने मदद के लिए आवाज लगाई तो रेस्टोरेंट में बैठी जर्मन महिला लुइसा और उसके पीछे कोरियाई पर्यटक ह्यूनजाइकिम भी दौड़कर डूब रहे युवक को बचाने झालरे में जा कूदे।
हाथ की कलाई पर अंग्रेजी में केके
बाद में स्थानीय गोताखोर विक्रम नाथ, सुरेश व धर्मवीरसिंह भी वहां पहुंचे और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक को बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई। उसके दाहिने हाथ की कलाई पर अंग्रेजी में केके लिखा है।
जान न बचने पर अफसोस
हादसे के समय अंधेरा हो चुका था। इसके बावजूद दोनों पर्यटक करीब पौन घंटे तक युवक को बचाने की कोशिश करते रहे। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची और लाइट की व्यवस्था कराई। जर्मन महिला और कोरियाई युवक दोस्तों के साथ भारत भ्रमण पर हैं। दो-तीन पहले ही दोनों जोधपुर आए थे। प्रयास के बावजूद युवक की जान न बचाने को लेकर महिला पर्यटक रुआंसी हो गई। उनकी कोशिश के बाद भी युवक की जान न बचने पर अफसोस जताया।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
मेजर सहित अब तक तीन की जान गई तूरजी का झालरा हादसे का सबब बनता जा रहा है। 13 मार्च 2017 को होली की रात में जोधपुर में सेना की मिलिट्री यूनिट सिग्नल कोर में मेजर संजय कुमार साथियों के तूरजी का झालरा आए थे। इस दौरान संतुलन बिगड़ा और वे पानी में डूब गए थे। इसके बाद गत सात जून को रातानाडा के एयरफोर्स क्वार्टर निवासी वायु सेना में जूनियर वारंट ऑफिसर नवरंगी चौधरी का पुत्र कन्हैया कुमार (22) दोस्तों के साथ घूमने के लिए झालरा आया था। तैरने के दौरान कन्हैया डूब गया था। जबकि दो युवकों को वहां मौजूद दीपक टाक ने निकाल लिया था।
Published on:
22 Jul 2018 02:53 am
