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जम्मू-कश्मीर पर आखिरी ट्वीट कर दुनिया छोड़ चलीं सुषमा स्वराज, जोधपुरवासियों के दिल में बनाई थी खास जगह

पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की कद्दावर नेता रही सुषमा स्वराज का जोधपुर से खास लगाव रहा है। विदेश मंत्री के कार्यकाल में सुषमा ने जोधपुर के कई लोगों की मदद की। जिसके लिए मारवाड़ के लोग उन्हें कभी नहीं भूल पाएंगे।
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जम्मू-कश्मीर पर आखिरी ट्वीट कर दुनिया छोड़ चलीं सुषमा स्वराज, जोधपुरवासियों के दिल में बनाई थी खास जगह

जोधपुर. जम्मू-कश्मीर ( Jammu & Kashmir ) की नई सुबह का इंतजार कर रहीं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ( former foreign minister sushma swaraj ) (67) का मंगलवार रात निधन हो गया। दिल का दौरा पडऩे के बाद उन्हें एम्स ( AIIMS Delhi ) में भर्ती कराया गया था। इससे कुछ ही घंटों पहले सोशल मीडिया ( social media ) पर हमेशा सक्रिय रहने वाली सुषमा स्वराज ( sushma swaraj ) ने लोकसभा से जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पास होने पर मोदी सरकार ( PM Narendra Modi ) को बधाई दी थी। स्वराज ने अपने आखिरी ट्वीट ( Twitter ) में लिखा-‘प्रधानमंत्रीजी आपका हार्दिक अभिनंदन। मैं अपने जीवन में इसी दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।’

अंबाला छावनी में जन्मीं सुषमा स्वराज ने एसडी कॉलेज से बीए और पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से कानून की डिग्री ली थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पहले जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। आपातकाल का पुरजोर विरोध करने के बाद वे सक्रिय राजनीति से जुड़ गईं। 2009 में वह भाजपा द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गईं। 2014 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह देश की पहली महिला विदेश मंत्री बनीं।

आज भी याद है वो मुलाकात
5 वर्ष पहले जोधपुर आने पर मेरी सुषमा जी से मुलाकत हुई। इतनी सरल नेता थी कि मैंने पाक विस्थापितों की समस्या से अवगत कराया तो उन्होंने तुरन्त ही कहा कि यह गंभीर विषय है, आप दिल्ली आएं। इसका समाधन निकालेंगे। इस विषय पर काम करने के लिए कहा।
-संजय दैय्या, पूर्व पार्षद, नगर निगम

सुषमा का जोधपुर से था खास लगाव
पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की कद्दावर नेता रही सुषमा स्वराज का जोधपुर से खास लगाव रहा है। विदेश मंत्री के कार्यकाल में सुषमा ने जोधपुर के कई लोगों की मदद की। जिसके लिए मारवाड़ के लोग उन्हें कभी नहीं भूल पाएंगे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र कच्छवाह बताते हैं कि सुराज संकल्प यात्रा 2013 के एक कार्यक्रम में सुषमा स्वराज जोधपुर के गांधी मैदान स्थित सभा स्थल पर आईं थी। यहां सभा को भी संबोधित किया। जोधपुर शहर जिला अध्यक्ष जगतनारायण जोशी ने संस्मरण सुनाते हुए बताया कि उस कार्यक्रम में उन्होंने मंच संचालन किया था।

जोधपुर में तब जल संकट और एम्स का नाम मीराबाई के नाम पर करने का मुद्दा जोधपुर की सभा में जोर-शोर से उठाया था। भाजपा नेता महेंद्र मेघवाल ने बताया कि इसके बाद विदेश मंत्री रहते हुए जैसलमेर जाने के दौरान कुछ देर के लिए जोधपुर आई थी लेकिन किसी कार्यक्रम में शिरकत नहीं की, कुछ लोगो से मिलने के बाद रवाना हो गई। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि दी और ट्वीट कर लिखा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी भारत के विकास और सुधार के लिए लगा दी।

जोधपुर को बहुत याद आएगी सुषमा

- 2015 का एक मामला जब हवा देवी अपने बेटे व देवरानी के साथ धार्मिक वीजा पर पाकिस्तान से भारत आई थी। लंबे संघर्ष के बाद भी वह वापस नहीं जा पा रही थी। तब जोधपुर के हिंदू सिंह सोढा ने सुषमा के समक्ष मांग रखी तो उन्होंने गृह मंत्रालय से बात कर सकारात्मक निर्णय निकालने का आश्वासन दिया था।

- 2016 में जोधपुर के नरेश तोलानी की शादी पाकिस्तान के कराची की प्रिया बचानी से होनी थी। लेकिन प्रिया के परिवार को वीजा मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सुषमा स्वराज को किए गए एक ट्वीट ने उनके परिवार को हाथों-हाथ वीजा दिलवाया।

- 2017 में जोधपुर की एक विदेशी बहू की भी उन्होंने ऐसी ही मदद की थी। कारमैन डी पिलर नाम की यह महिला जोधपुर के योगेश से शादी कर हांगकांग से यहां आई थी। यहां प्रताडि़त महसूस करने पर सुषमा को एक ट्वीट किया और वीजा एक्सटेंशन की मांग की थी। सुषमा ने इस दिशा में भी सकारात्मक कदम उठाया और सोशल मीडिया पर छा गई।