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नौ दिन नहीं पांच साल में चले ढाई कोस…महज चार ब्लॉक अध्यक्ष, 16 अब भी बाकी

ग्राउण्ड रिपोर्ट :: कांग्रेस की संगठनात्मक नियुक्तियां अब भी अधर में
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नौ दिन नहीं पांच साल में चले ढाई कोस...महज चार ब्लॉक अध्यक्ष, 16 अब भी बाकी

नौ दिन नहीं पांच साल में चले ढाई कोस...महज चार ब्लॉक अध्यक्ष, 16 अब भी बाकी

जोधपुर. नौ दिन चले ढाई कोस वाली कहावत को भी कांग्रेस ने तो बदल दिया। कांग्रेस पर पांच साल में चले ढाई कदम कहावत ज्यादा सटीक लग रही है। प्रदेश अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने बुधवार को प्रदेश में एक सौ ब्लॉकों में अध्यक्ष नियुक्त किए हैं, जिसमें जोधपुर शहर के चार ब्लॉक शामिल है। ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति पांच साल बाद हुई है। यानी गहलोत सरकार से भी एक साल पहले संगठनात्मक बदलाव हुए थे। पांच साल से संगठन का कोई धणी-धोरी नहीं है। मजे की बात यह कि इसी साल प्रदेश में चुनाव है, लेकिन संगठनात्मक नियुक्तियों में अब भी कछुए से भी धीमी रफ्तार है।

शहर में 2, देहात में 14 ब्लॉक अब भी 'खालसा'

संगठन के लिहाज से शहर में छह और देहात में 14 ब्लॉक है। अर्थात प्रत्येक विधानसभा में दो-दो ब्लॉक बनाए हुए हैं। ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति लंबे समय बाद हुई, इसमें भी शहर के सूरसागर और चौपासनी हाउसिंग बोर्ड तथा देहात के 14 ब्लॉकों में नियुक्तियों का अब भी इंतजार है। देहात के लोहावट, ओसिंया, फलोदी, भोपालगढ़, बिलाड़ा, लूणी और शेरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉकों में अध्यक्ष पद रिक्त हैं।

आलाकमान के पास अटकी कार्यकारिणी

नियुक्तियों के मामले में कांग्रेस के अग्रिम संगठनों की भी यही स्थिति है। शहर और देहात की कार्यकारिणी लंबे समय से आलाकमान के पास अटकी हुई है। शहर और देहात अध्यक्ष अपनी लिस्ट काफी पहले भिजवा चुके हैं, लेकिन मुख्यालय से अब तक हरी झंडी नहीं मिली है। इस कारण अध्यक्ष भी बिना टीम अधरझूल में है। पार्टी के कई अग्रिम संगठनों में भी अपेक्षित बदलाव नहीं होने से संगठन में सक्रियता नहीं दिख रही है।

ऐसे तो नहीं जुड़ पाएगा हाथ से हाथ

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जनवरी माह से कांग्रेस नेताओं को अपने क्षेत्र में पैदल यात्राएं शुरू करने के निर्देश दिए हैं। हाथ से हाथ जोड़ो यात्राएं हर ब्लॉक स्तर पर हर माह आयोजित करने की योजना बनाई गई है, लेकिन अब तक ब्लॉक अध्यक्षों का मनोनयन भी नहीं हुआ है। ऐसे में निचले स्तर पर पैदल राहुल गांधी के निर्देश हवा हो सकते हैं।

उदयमंदिर-महामंदिर में 15 साल बाद नए चेहरों को मौका

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विधानसभा क्षेत्र सरदारपुरा में करीब पन्द्रह साल बाद नए ब्लॉक अध्यक्ष मनोनीत किए गए हैं। वैसे तो पांच साल पूर्व सभी ब्लॉक में नई नियुक्तियां हुई थीं, लेकिन सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र के महामंदिर और उदयमंदिर ब्लॉक में पुराने अध्यक्षों को ही यथावत रखा गया था। अब दोनों जगह नए चेहरों को मौका दिया गया है। जेएनवीयू के एसोसिएट प्रो. हेमसिंह गहलोत को महामंदिर ब्लॉक तथा मनोनीत पार्षद भंवरलाल हटवाल को उदयमंदिर ब्लॉक का अध्यक्ष बनाया गया है। दोनों ही पशुधन विकास बोर्ड अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह सोलंकी के करीबी माने जाते हैं। उदयमंदिर ब्लॉक में लंबे समय तक अल्पसंख्यक अध्यक्ष पद पर काबिज रहा। इस बार यहां एसटी को मौका दिया गया है। इसी तरह, शहर विधानसभा के सर्राफा बाजार और शास्त्रीनगर ब्लॉक में भी बदलाव के मायने वोट बैंक साधने से जुड़े हुए हैं।

ये बने नए ब्लॉक अध्यक्ष

हेमसिंगह गहलोत : महामंदिर ब्लॉक

भंवरलाल हटवाल : उदयमंदिर ब्लॉक

अख्तरखान सिंधी : सर्राफा बाजार ब्लॉक

रामनिवास गोदारा : शास्त्रीनगर ब्लॉक