
गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के अंतर्गत इस महीने से आवंटित पांच किलो फ्री गेहूं राशन की दुकानों पर बड़ी मुश्किल से दिया जा रहा है। गरीबों को यह कहकर लौटाया जा रहा है कि गेहूं खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने इसकी भनक लगने पर १३ जून तक प्रदेश के सभी ३३ जिलों के आंकड़े निकलवाए तो पैरों तेल जमीन सरक गई। सामने आया कि करीब ४ लाख ३७ हजार ४६३ गरीबों को पीएमजीकेवाई का गेहूं दिए बगैर ही लौटा दिया गया। सरकार ने सख्ती दिखाते हुए सभी जिला रसद अधिकारियों (डीएसओ), प्रवर्तन अधिकारियों (ईओ) और प्रवर्तन निरीक्षकों (ईआई) को लताड़ते हुए इसकी जांच कराने के आदेश दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत लाभार्थियों को हर महीने २ रुपए किलो के हिसाब से प्रति व्यक्ति ५ किलो गेहूं मिलता है। कोविड-१९ के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रही जनता के लिए केंद्र ने नियमित आवंटन के साथ-साथ दीपावली तक पांच किलो गेहूं प्रति माह फ्री देने की घोषणा की है। यानी एनएफएसए लाभार्थियों को इस महीने से १० किलो गेहूं मिलेगा। पांच किलो फ्री और पांच किलो दो रुपए प्रति किलो के भाव से।
नहीं दे रहे फ्री का गेहूं
जयपुर, जोधपुर सहित अन्य जिलों में जांच में पता चला कि राशन डीलर्स जनता को केवल नियमित आवंटन का पांच किलो गेहूं दे रहे हैं। पीएमजीकेवाई का पांच किलो फ्री गेहूं यह कहकर नहीं दे रहे कि स्टॉक खत्म हो गया। ।
सरकार को ऐसे पता चला
प्रदेश में ४.४४ करोड़ एनएफएसए लाभार्थी हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के डाटा के अनुसार अब तक ३.५४ करोड़ लोगों को एनएफएसए का नियमित गेहूं दिया गया। पीएमजीकेवाई का गेहूं ३.५० करोड़ लोगों को मिला यानी ४ लाख से अधिक लोगों को पीएमजीकेवाई का फ्री गेहूं दिया ही नहीं गया।
यह अलार्मिंग सिचुएशन है
मैं यह देखकर हैरान हूं कि कई लोगों को एनएफएसए का गेहूं तो दिया गया है लेकिन पीएमजीकेवाई का नहीं। यह अलार्मिंग सिचुएशन है। जब डीलर्स को एक जून तक दोनों तरह का गेहूं दे दिया है तो क्या कारण है कि डीलर एक तरह का ही गेहूं उपभोक्ताओं को दे रहा है। इसमें जो भी जिम्मेदार है उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।
- नवीन जैन, शासन सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग
(जैसा कि नवीन जैन ने सभी डीएसओ को भेजे अपने वॉयस मैसेज में कहा।)
Published on:
23 Jun 2021 12:44 pm
