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बेटे की बैंक का टारगेट पूरा करने के लिए IAS पिता ने 5 करोड़ का जोधपुर का खाता पाली में खोला!

पुलिस विवि जोधपुर के रजिस्ट्रार ने पहले इंडसइण्ड फिर डीसीबी बैंक में खाता खुलवाया
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बेटे की बैंक का टारगेट पूरा करने के लिए IAS पिता ने 5 करोड़ का जोधपुर का खाता पाली में खोला!

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. प्रदेश के एकमात्र जोधपुर स्थित सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय ( sardar patel university of police security and criminal justice jodhpur ) में बैंक खाते से जुड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। विवि में रजिस्ट्रार आइएएस ( IAS ) जेसी पुरोहित और वित्त नियंत्रक मंगलाराम विश्नोई ने विवि का बैंक खाता पाली स्थित निजी क्षेत्र की डीसीबी बैंक में खोल दिया। खाते में राजकीय धन का करीब 5 करोड़ रुपए जमा कराया गया है। विवि जोधपुर में है और बैंक खाता पाली में क्यों है, इस पर वित्त नियंत्रक और रजिस्ट्रार दोनों मौन है। पांच करोड़ का बैंक खाता दूसरे जिले में खोलने के लिए राज्य के वित्त विभाग से भी अनुमति नहीं ली गई है। साथ ही विवि के कुलपति व पुलिस महानिदेशक (जेल) एनआरके रेड्डी को भी अंधेरे में रखा गया है।

जहां-जहां बेटा, वहां-वहां बैंक खाता

रजिस्ट्रार जेसी पुरोहित का पुत्र पाली स्थित डीसीबी बैंक में कार्यरत है। सूत्रों के मुताबिक बेटे का बैंक टारगेट पूरा करने के लिए छह महीने पहले पुलिस विवि का खाता पाली में खोला गया है। इससे पहले पुरोहित का बेटा जोधपुर स्थित इंडसइण्ड बैंक में था तब यह करोड़ों का खाता यहां पावटा स्थित इंडसइण्ड बैंक में था। वैसे पुलिस विवि के कार्मिकों का वेतन खाता सार्वजनिक क्षेत्र की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में है और एक खाता ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) में है। सरकार को बगैर पूछे सरकारी पैसे का रोटेशन करना अनियमितता है। बैंक में खाता खोलने के लिए राज्य के वित्त विभाग की अनुमति लेनी पड़ती है लेकिन पुलिस विवि ने यह अनुमति नहीं ली। इससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के साथ पुलिस विवि को भी ब्याज का भारी नुकसान हुआ है।

छह महीने हो गए खाता खोले
पुलिस विवि का खाता 6-7 महीने पहले खोला गया है। वहां के रजिस्ट्रार का पुत्र हमारे बैंक में है और जोधपुर से अप-डाउन करता है।

आसिफ अली, बैंक मैनेजर, डीसीबी बैंक पाली

कुलपति अनभिज्ञ
मुझे पदभार संभाले हुए करीब डेढ़ महीना हुआ है। इस बारे में नहीं पता। मैं जोधपुर आता तो हूं लेकिन वित्त मामलों पर विवि रजिस्ट्रार व वित्त नियंत्रक ने कभी विचार विमर्श नहीं किया। अब जानकारी लेता हूं।

एनआरके रेड्डी, कुलपति, पुलिस विवि व पुलिस महानिदेशक (जेल)

विवि के वित्त नियंत्रक मंगलाराम विश्नोई से सीधी बात

सवाल: पुलिस विवि जोधपुर का बैंक खाता पाली में क्यों खोला?
जवाब- कुछ ब्याज को लेकर मामला था इसलिए खोला।

सवाल: पैसे निकालने के लिए अब पाली जाओगे?
जवाब- नहीं। ऐसा तो नहीं है। खैर, बैंक खाता जोधपुर में ट्रांसफर कर देंगे।

सवाल: किसके आदेश से बैंक खाता डीसीबी पाली में खोला गया?
जवाब- उच्चाधिकारियों के निर्देश थे।

सवाल: राज्य सरकार या वित्त विभाग ने कहा था?
जवाब- नहीं

सवाल: विवि कुलपति एनआरके रेड्डी ने कहा था?
जवाब- नहीं, मेरे ऊपर कुलपति व रजिस्ट्रार है, उनसे बात लो।

(रजिस्ट्रार जेसी पुरोहित को 5 बार फोन लगाया गया, उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्हें एसएमएस से इस बारे में सूचना दी गई लेकिन तब भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।)