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क्रेडिट सोसायटियों की ऑडिट रिपोर्ट में लोन लेने वालों के नाम हुए गायब, विभाग ने सूची तक नहीं की सार्वजनिक

क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी की ऑडिट के मामले में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। सहकारिता विभाग के ऑडिटर सोसायटी की ऑडिट के दौरान लोन लेने वाले लोगों की सूची तक नहीं लगाते। इस कारण यह पता नहीं लग पाता है कि किस व्यक्ति ने कितना लोन लिया है।
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fraud cases filed against credit cooperative societies in jodhpur

क्रेडिट सोसायटियों की ऑडिट रिपोर्ट में लोन लेने वालों के नाम हुए गायब, विभाग ने सूची तक नहीं की सार्वजनिक

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी की ऑडिट के मामले में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। सहकारिता विभाग के ऑडिटर सोसायटी की ऑडिट के दौरान लोन लेने वाले लोगों की सूची तक नहीं लगाते। इस कारण यह पता नहीं लग पाता है कि किस व्यक्ति ने कितना लोन लिया है। इस पोल के चलते ही संजीवनी और आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी की ऑडिट रिपोर्ट में बकायेदारों का खुलासा नहीं हो सका था।

जोधपुर में 33 क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी कार्यरत हैं। सभी सोसाइटी की सालाना ऑडिट सहकारिता विभाग के विशेष लेखा परीक्षक कार्यालय की ओर से की जाती है। इसमें 20 सोसाइटी सरकारी कर्मचारियों की और 13 सोसाइटी निजी हैं। ऑडिट के दौरान विभाग के ऑडिटर लोन लेने वालों की सूची ऑडिट के साथ चस्पा नहीं करते। इस कारण ऑडिट की क्रॉस जांच के दौरान गड़बड़ी पकड़ में नहीं आ पाती।

पिछले साल हुई ऑडिट में जोधपुर में 13 निजी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के विरुद्ध धारा 57 में गबन का एक भी मामला सामने नहीं आया है, जबकि कई सोसायटी की बैलेंस शीट में गड़बड़ है। दूसरी तरफ सोसायटी से काफी कम काम होने के बावजूद ग्राम सेवा सहकारी समिति (जीएसएस) की ऑडिट में ऑडिटर्स लोन लेने वालों की सूची चस्पा करते हैं जिसके आधार पर उच्च अधिकारी लोन लेने वालों का भौतिक सत्यापन आसानी से कर पाते हैं।

एक महिला इंस्पेक्टर के भरोसे क्रेडिट सोसायटी
क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के संचालन को लेकर सहकारिता विभाग के अफसर गंभीर नहीं हैं। जोधपुर डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में केवल एक महिला इंस्पेक्टर पर अधिकांश क्रेडिट सोसायटी की जांच का जिम्मा है। जबकि यहां करीब आधा दर्जन इंस्पेक्टर कार्यरत है। डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय और विशेष लेखा परीक्षक कार्यालय में अधिकांश महिला इंस्पेक्टर होने के कारण लंच बाद पूरा दफ्तर खाली नजर आता है।

निरीक्षण तक नहीं, अब रजिस्ट्रार ने दिए आदेश
सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन सोमवार को जोधपुर पहुंचे और शाम को सहकार भवन में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली और अतिरिक्त रजिस्ट्रार धनसिंह देवल, उप रजिस्ट्रार राकेश पुरोहित से क्रेडिट सोसायटियों के बारे में पूछताछ की। रजिस्ट्रार ने सभी सोसायटियों को सघन निरीक्षण करने के आदेश देते हुए कहा कि सोसायटी की तह तक जाओ, जनता का पैसा डूबना नहीं चाहिए। सोसायटी में गड़बड़ी सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि जोधपुर जोन में क्रेडिट सोसायटी के ऑडिट व निरीक्षण को लेकर अफसर गंभीर नहीं हैं। जनता के हजारों करोड़ रुपए डकारने वाली आदर्श और संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियां जोधपुर जोन में आती हैं। आदर्श क्रेडिट सोसायटी सिरोही और संजीवनी बाड़मेर में रजिस्टर्ड है।

अब तक कर रहे टालमटोल
क्रेडिट सोसायटी के संचालकों ने लोन लेने वालों की सूची दी नहीं होगी इसलिए ऑडिटर्स ने ऑडिट रिपोर्टों में नहीं लगाई।
केआर मेघवाल, विशेष लेखा परीक्षक जोधपुर