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जोधपुर, पाली और जालोर से भाजपा ने रिपीट किए प्रत्याशी, बाड़मेर में नहीं खुले पत्ते

लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। मारवाड़ की 5 में से 3 सीटों पर भाजपा ने पत्ते खोल दिए हैं।
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जोधपुर

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MI Zahir

Mar 21, 2019

Gajendra Singh Shekhawat and P. P. Choudhary, second time got ticket

Gajendra Singh Shekhawat and P. P. Choudhary, second time got ticket

जोधपुर। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है। मारवाड़ की 5 में से 3 सीटों पर भाजपा ने पत्ते खोल दिए हैं। जोधपुर से केंद्रीय राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर फिर भरोसा जताया गया है। पाली में भी विरोध के बावजूद पीपी चौधरी एक बार फिर मैदान में होंगे। जालोर में देवजी पटेल को तीसरी बार भाजपा ने टिकट दिया है। होली की मस्ती उतरते उतरते भाजपा ने देश में चुनावी रंग को हवा दे दी। धुलंडी की शाम प्रेस वार्ता कर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने 184 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। जोधपुर, पाली एवं जालोर में प्रत्याशी रिपीट किए गए हैं। जबकि सियासी भंवर में फंसी बाड़मेर सीट के पत्ते भाजपा ने अभी नहीं खोले हैं। मारवाड़ की एक और महत्वपूर्ण सीट नागौर भी पहली सूची में घोषित नहीं हो पाई है।

केंद्रीय नेतृत्व से नजदीकी का मिला फायदा
विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व केंद्रीय राज्य मंत्री व जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच प्रदेशाध्यक्ष पद को लेकर काफी खींचतान देखी गई थी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि शेखावत या तो सीट बदल सकते हैं या फिर चुनाव नहीं लड़ेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित केंद्रीय नेतृत्व की पहली पसंद होने के नाते शेखावत को एक बार फिर मौका दिया गया है।

संघ की भी पहली पसंद
इससे पहले भाजपा शेखावत के अलावा किसी अन्य राजपूत या बिश्नोई समाज के नेता पर भी विचार कर चुकी थी। लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहली पसंद के रूप में शेखावत ही थे। कुछ दिन पहले संघ की जोधपुर में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में शेखावत व बीकानेर से सांसद अर्जुन राम मेघवाल सहित कई नेता शामिल हुए थे।

छात्र राजनीति से जुड़ाव
शेखावत ने छात्र राजनीति के जरिए अपना करियर शुरू किया था। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहने के बाद वे संघ में आंतरिक रुप से काम करते रहे लेकिन सार्वजनिक नहीं आए थे। बॉर्डर क्षेत्र के संगठन से जुड़ कर भी उन्होंने उत्कृष्ट कार्य किया था। जोधपुर सांसद चुने जाने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता ने प्रधानमंत्री व केंद्रीय नेतृत्व के नजदीक ला दिया था। अपनी रुचि कृषि में बताने के बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें कृषि राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी थी।

शिकायत के बावजूद चौधरी ले आए टिकट
इधर पाली से सांसद पीपी चौधरी की प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व तक हुई शिकायत के बावजूद केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। कुछ दिन पहले ही चौधरी के विरोध में कई विधायक व पूर्व विधायक के साथ जिला प्रमुखो के हस्ताक्षर का एक पत्र संगठन को सौंप था। लेकिन इसके बावजूद पीपी चौधरी को जातीय समीकरण एवं केंद्रीय नेतृत्व में अच्छी छवि होने का फायदा मिला।

शेखावत के लिए चुनौती

- शेखावत को राजपूत बाहुल्य क्षेत्र में भितरघात का भी सामना करना पड़ सकता है।

- विधानसभा चुनाव में 8 में से मात्र 2 विधानसभा क्षेत्र में ही भाजपा के विधायक जीते हैं ऐसे में अब मतदाताओं को अपनी ओर डाइवर्ट करना बड़ी चुनौती है।

- कांग्रेस की तरफ से प्रबल दावेदार इस बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत माने जा रहे हैं। जो कि शेखावत को चुनाव में कड़ी टक्कर दे सकते हैं।

- अभी कुछ समय पहले ही भाजपा ने शहर एवं देहात के अध्यक्ष व कार्यकारिणी बदली है। नई कार्यकारिणी के साथ सामंजस्य बैठा कर चुनावी रणनीति बनाना भी चुनौती है।