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ठाठ-बाट से निकली राज गणगौर की सवारी, जोधपुर की इस परंपरा के विदेशी भी हुए कायल

पूर्व सांसद गजसिंह ने रानीसर पर किया गणगौर का पूजन  

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नंदकिशोर सारस्वत/जोधपुर. मेहरानगढ़ दुर्ग के नागणेचिया माताजी के मंदिर में राज गणगौर की सवारी खासे में सज-धजकर शाही लवाजमे व ढोल-ढमाकों के साथ फ तेहपोल से शाम 6.15 बजे निकली। स्वर्ण की रखड़ी, झुमके, गले में कंठी व तिमणिया, कंधे से कमर के नीचे तक दोनों ओर लटके स्वर्ण कंदोरे और पैरों में चांदी की झांझर सहित गवर की शान देखते ही बनती थी।हेमलता राज्ये व गायत्रीकुमारी ने की पूजा-अर्चनानागणेच्या माताजी मन्दिर में पूर्व सांसद गजसिंह की पत्नी हेमलता राज्ये व पुत्रवधू गायत्रीकुमारी ने पूजा अर्चना की। बाद में पूर्व राजपरिवार की महिलाओं ने परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की। राजपुरोहित व राजव्यास के परम्परागत गणगौर माता की पूजा करने के बाद घूमर नृत्य, गणगौर गीत गायन के साथ राज गणगौर की सवारी महलों से परकोटे में उतरी।

शाही लवाजमे से निकली राज गणगौर की सवारी

खासे लवाजमे के प्रतीक किरणिया, त्रिशूल, थम्भ, महिमरातिब, छंवर और सोने-चांदी की छडिय़ां धारण किए छड़ीबरदार और जुलूस के आगे राज अनुष्ठान घोड़े पर मारवाड़ का पचरंग का निशान फ हराते चल रहे थे। जुलूस के आखिर में सूतरी नगाड़ा व नौपत ऊंट पर चल रहे थे। नजारा कुछ ऐसा था कि आगे शाही निशान, पताका स्वर्ण व चांदी की छड़ी थामे शाही लवाजमा और पालकी वाहकों के कंधे पर खासा पालकी में स्वर्णाभूषणों व शाही वेश में लकदक राज गणगौर की सवारी मेहरानगढ़ के महलों से सूरजपोल, लोहापोल व इमरती पोल होते हुए राव जोधा के फ लसे से होकर चोखेलाव महल पहुंची।


चोखेलाव महल से शरीक हुए पूर्व सांसद गजसिंह राज गणगौर की सवारी के जुलूस में पूर्व सांसद गजसिंह चोखेलाव महल से शरीक हुए। सिर पर केसरिया साफ ा, सफेद शेरवानी, चूड़ीदार पायजामा पहने और हाथ में शाही तलवार लिए हुए चल रहे थे। साथ में, रियासती परंपरागत वेशभूषा में महाराज, रावराजा, सिरायत, सिरदार, मुत्सदी, एहलकार और राजवेदिया, राजव्यास, दानाध्यक्ष व राज ज्योतिषी आदि चल रहे थे। जुलूस में मेहरानगढ़ बैण्ड राजस्थानी गीतों की धुने बजाते हुए चल रहा था। फ तेहपोल पर पूर्व सांसद ने गणेश पूजन किया। सवारी का चांद बावड़ी मोहल्ला समिति, गूंदी का मोहल्ला, चैनेश्वर व्यायामशाला के दलपति, नवचौकिया व अन्य मोहल्ला समिति के प्रतिनिधियों ने स्वागत किया।

रानीसर में हुआ गणगौर का पूजन

रानीसर पहुंचने पर पूर्व सांसद गजसिंह ने राज गणगौर की सवारी का पूजन कर भोळावणी की रस्म अदा की। सवारी के दोनों ओर सैकड़ों पुरुष-महिलाएं राज गणगौर के दर्शन के लिए खड़े नजर आए।