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50 लाख की रंगदारी मांगने वाले गैंगस्टर हथकड़ी में कोर्ट में पेश

ज्वैलर को वाट्सएप कॉल कर दी थी धमकी
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Gangster handcuffs demanding Rs 50 lakh in court

Gangster handcuffs demanding Rs 50 lakh in court

जोधपुर. केंद्रीय कारागार में बंद पचास लाख रुपए की रंगदारी मांगने और अन्य मामलों के तीन आरोपियों को हथकड़ी में शनिवार दोपहर एक बजे 40 से अधिक हथियारबंद जवानों ने महानगर न्यायिक मजिस्ट्रेट (मुंसिफ सिटी) की अदालत में पेश किया।

पीठासीन अधिकारी रिचा चायल ने नाम पूछने के बाद तीनों की हथकडिय़ां खुलवाकर आर्डर शीट पर हस्ताक्षर करवाए। दस मिनट न्यायालय में रुकने के बाद तीनों आरोपियों को वापस केंद्रीय कारागार भेज दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 14 सितम्बर को होगी।

हरेंद्र जाट उर्फ हीरा, अनमोल विश्नोई और नई सडक़ (जोधपुर) निवासी खिमांशु गहलोत को 7 सितम्बर 2017 को हाथीराम का ओडा क्षेत्र के ज्वैलर मुकेश सोनी को दस से अधिक स्थानीय आरोपियों के मार्फत धमकी भरा वाट्सएप कॉल कर पचास लाख रुपए की मांग की थी। तीनों के खिलाफ जोधपुर में वासुदेव हत्याकाण्ड सहित कई मामले विचाराधीन हैं।

अधिवक्ता के खिलाफ लज्जा भंग के मामले में अंतिम रिपोर्ट पेश

जोधपुर.
एक महिला की ओर से उच्च न्यायालय परिसर में गत नौ जुलाई को तीन अधिवक्ताओं के विरुद्ध लगाए गए लज्जाभंग और मानहानि के आरोपों को उदयमंदिर थाना पुलिस ने संदिग्ध माना है।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (संख्या दो) की अदालत में पेश अंतिम रिपोर्ट में अनुसंधान अधिकारी अशोक आंजणा ने लिखा कि भीड़भाड़ भरे उच्च न्यायालय परिसर में अधिवक्ता द्वारा किसी महिला के साथ बद्तमीजी करने के आरोप निराधार हैं।

परिवादिया लक्ष्मी चौधरी के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर मामला सही नहीं था। उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स ऐसोशिएसन ने भी मामले के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी।
नाबालिग लडक़ी भगाने के आरोपी को दस साल कैद की सजा

अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (महिला उत्पीडऩ) की पीठासीन अधिकारी मनीषा चौधरी ने नाबालिग लडक़ी फुसलाकर को भगाने के मामले में राजा परचानी को दोषी मानते हुए दस साल की सजा व दस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।

लडक़ी की मां ने 17 जून 2014 को शास्त्रीनगर थाने में लिखित रिपोर्ट पेश की थी। एडीजे कोर्ट में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक श्रवणसिंह राजपुरोहित ने नाबालिग के अपहरण को गंभीर प्रकृति का अपराध बताते हुए सख्त से सख्त सजा देने का आग्रह किया था। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए सजा के आदेश दिए।

फर्जी दस्तावेजों से बेचा भूखंड, बादामी देवी को नहीं मिली जमानत

जोधपुर.

राजस्थान हाईकोर्ट ने फर्जी दस्तावेज से भूखंड बेचान की एक 70 वर्षीय महिला आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है। याचिकाकर्ता विनायक नगर निवासी बादामी देवी के खिलाफ उदयमंदिर पुलिस थाने में आइपीसी की धाराओं 420, 406 व 120 बी में एक एफआइआर 255/2017 दायर की गई थी।
जस्टिस विनीत माथुर की पीठ में मामले की सुनवाई में आरोपी याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि जो पैसे बकाया थे, वह पुत्र जयप्रकाश ने चुकता कर दिए हैं, तथा इसलिए उसे हाईकोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 439 के तहत 29 जून 2018 को जमानत पर रिहा कर दिया था। इस पर पीपी पंकज अवस्थी व शिकायतकर्ता के अधिवक्ता विजय चौधरी ने कहा कि किसी अन्य मामले के रिकॉर्ड किए गए बयानों से इस मामले का कोई सम्बंध नही है।

आरोपी महिला ने तिंवरी स्थित दो भूखंड शिकायतकर्ता को 25 लाख में बेच दिए थे व इसके मूल दस्तावेज भी सौंप दिए, लेकिन इन्हीं भूखंडों के फर्जी दस्तावेज बना कर इन भूखंडों पर प्लॉट बना कर बेच दिए।