जेल से व्हॉट्सएेप कॉलिंग पर गैंग चला रहे बदमाश

- लॉरेंस के शूटर से पूछताछ में खुलासा

By: Vikas Choudhary

Published: 27 Jun 2020, 01:06 AM IST

जोधपुर
केन्द्रीय कारागार परिसर से कैदी-बंदी धड़ल्ले से न सिर्फ एन्ड्रॉयड मोबाइल पर व्हॉट्सएेप कॉलिंग कर रहे हैं, बल्कि जेल में बैठे-बैठे बाहर सक्रिय गैंग ऑपरेट कर रहे हैं। हिस्ट्रीशीटर की हत्या के लिए लॉरेंस बिश्नोई के शूटर भोमाराम बिश्नोई ने व्हॉट्सएेप कॉल के जरिए पंजाब की बटिण्डा जेल में एक बंदी को कॉल कर दो हथियार तक मंगवा लिए। महामंदिर थाना पुलिस की पूछताछ में शूटर ने यह खुलासा किया।
पुलिस की मानें तो अधिकांश बदमाश व्हॉट्सएेप कॉलिंग के जरिए एक-दूसरे के सम्पर्क में हैं। इनमें से भी कई शातिर बदमाशों ने बगैर सिम वाले इंटरनेट नम्बर ले रखे हैं और डॉन्गल की मदद से कॉलिंग करते हैं। जेल में बंदी एक ही कॉल पर कॉन्फ्रेंस के जरिए एक साथ तीन-चार जनों से बातचीत करते हैं। व्हॉट्सएेप कॉल ट्रैसिंग न होने व आपस में बातचीत करने वालों की डिटेल न मिलने से पुलिस के लिए बदमाशों तक पहुंचना काफी मुश्किल हो रहा है।
जेल में तलाशी, मोबाइल नहीं मिला
महामंदिर थानाधिकारी सुमेरदान का कहना है कि भोमाराम बिश्नोई ने जोधपुर जेल से बटिण्डा जेल में बंदी को व्हॉट्सएेप कॉल करके दो हथियार मंगाए थे। वह बंदी का नाम नहीं बता सका। उसके पास सिर्फ मोबाइल नम्बर थे। व्हॉट्सएेप कॉल में प्रयुक्त मोबाइल की बरामदगी के लिए जोधपुर जेल में उसके बैरिक की तलाशी ली गई, लेकिन मोबाइल बरामद नहीं हुआ।
इनका कहना है...
जेल में मोबाइल के उपयोग से मना नहीं कर सकते। समय-समय पर आकस्मिक जांच करते हैं। मोबाइल मिलने पर एफआइआर भी दर्ज कराई जाती है। पुलिस से हम यही कोशिश करते हैं कि उस व्यक्ति तक पहुंचा जाए, जिसने बंदी तक मोबाइल पहुंचाए हैं।
कैलाश त्रिवेदी, अधीक्षक, जोधपुर सेन्ट्रल जेल

Vikas Choudhary Reporting
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