
Ganesh Temples Jodhpur :जोधपुर के अष्टविनायक मंदिर में है नयनाभिराम मूर्ति...गणपति का ऐसा मंदिर जो साल में एक बार खुलता है... जानिए जानकारी
जोधपुर . नागोरीगेट के बाहर कागा के प्राचीन शीतला माता के मन्दिर प्रांगण में अष्टविनायक की नयनाभिराम मूर्ति प्रतिष्ठित है। मंदिर ट्रस्ट के ब्रह्मलीन अध्यक्ष व पूर्व विधायक माधोसिंह कच्छवाह ने एक दशक पूर्व विधिवत गणपति और रिदि्ध -सिदि्ध विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा करवाई थी। मंदिर में गणपति का नियमित पूजन होता है और हर साल गणेश चतुर्थी को विशेष शृंगार किया जाता है। मंदिर से सटे प्राचीन मन्दिर में शीतला माता, ओरी माता और अचपड़ा माताजी की प्रतिमाएं भी स्थापित है । हर साल चैत्र की अष्टमी को मारवाड़ का प्रमुख कागा मेला लगता है।
साल में एक बार ही खुलता है गणपति मंदिर
जोधपुर किला रोड़ सिंघोडियों की बारी के पास महादेव अमरनाथ एवं नवग्रह मन्दिर के प्रांगण में उच्छिष्ट गणपति का मंदिर है जो साल में एक बार ही दर्शनार्थियों के लिए खोला जाता है। मंदिर में उच्छिष्ट गणपति की मूर्ति स्थापित है । जिसके दर्शन पट साल में केवल एक दिन भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी ( गणेश चतुर्थी ) को सूर्यास्त पश्चात् ही खोले जाते है और दूसरे दिन सुबह पट बंद कर दिए जाते है । मंदिर के कमलेश दवे और अजय दवे ने बताया कि कोरोनाकाल के दो साल बाद दर्शनाथीZ इस बार 31 अगस्त को शाम पांच बजे से 1 सितम्बर को सुबह सात बजे तक दर्शन कर सकेंगे। इस बार मंदिर में 51 हजार लड्डुओं का भोग लगेगा। मंदिर पट खोलने से पूर्व 51 हजार आहूतियां देकर देश में खुशहाली की प्रार्थना की जाएगी। किला रोड स्थित उच्छिष्ट गणपति मंदिर में
देर रात को बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर दर्शन करते हैं। मंदिर में गणेश चतुर्थी के उपलक्ष में आकर्षक रोशनी भी की जाती है।
Published on:
31 Aug 2022 11:42 am
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