एमबीएम विश्वविद्यालय में प्रौद्योगिकी और रोबोटिक्स के क्षेत्र में छात्राओं को सशक्त करने के मिशन के तहत टेक्निकल फेस्ट ‘टेक कृति’ कार्यक्रम के अंतिम दिन विश्व रेकॉर्ड बनाने का प्रयास किया गया।
जोधपुर। एमबीएम विश्वविद्यालय में प्रौद्योगिकी और रोबोटिक्स के क्षेत्र में छात्राओं को सशक्त करने के मिशन के तहत टेक्निकल फेस्ट ‘टेक कृति’ कार्यक्रम के अंतिम दिन विश्व रेकॉर्ड बनाने का प्रयास किया गया। पहली बार 110 गर्ल्स (छात्राओं) ने मिलकर 110 रोबोट को नियंत्रित करके भारत का नक्शा विवि के हॉकी मैदान में बनाया। इसमें 24 गर्ल्स ने अशोक चक्र का निर्माण करने के साथ चंद्रयान-3 का मॉडल भी बनाया, जिसे भारत के नक्शे के बीच रखा गया। इन रोबोट को विवि और स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ने तैयार किया है। अब इसे वर्ल्ड रेकॉर्ड के लिए भेजा जाएगा। कार्यक्रम में अलग-अलग स्कूल और विवि की 110 गर्ल्स ने भाग लेकर अपने हाथों से रोबोट को कंट्रोल किया और उनकी परेड कराई। इसे देखने के लिए उनके परिजन भी मौजूद रहे।
9 साल की यशना ने भी लिया भाग
हैदराबाद की 9 साल की यशना भी इस वर्ल्ड रेकॉर्ड में भाग लेने आई। वह अपने माता-पिता के साथ एक रोबोट भी बनाकर लाई, जिसे उसने 10 दिन में तैयार किया। यशना रोबोटिक इंजीनियर बनना चाहती हैं। यशना को 6 राज्य स्तरीय, 8 राष्ट्रीय और 5 अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। हाल ही में उसे नंदी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
हमारी बेटियां किसी से कम नहीं
जनसंपर्क अधिकारी आर्किटेक्ट कमलेश कुम्हार ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. अजय कुमार शर्मा ने कहा कि आज के समय में हमारी बेटियां किसी से कम नहीं हैं। वे हर क्षेत्र में आगे बढ़कर देश का नाम विश्व पटल पर रोशन कर रही हैं। इस दौरान आरआरएससी पश्चिम इसरो के निदेशक डॉ. राकेश पालीवाल भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर जयश्री वाजपाई, सहसंयोजक प्रो. मनीष कुमार, प्रो. शैलेष चौधरी, डॉ आलोकसिंह गहलोत, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. प्रियंका मेहता, आर्किटेक्ट कमलेश कुम्हार, डॉ. कैलाश चौधरी, डॉ. इमरती कुमारी, अभिषेक गौड़, खम्मा कंवर, डॉ. रोहित रावल, नवीन कुमार और डीन प्रो सुनील शर्मा के मार्गदर्शन में गर्ल्स ने सफलता पूर्वक रोबोट्स से भारत का नक्शा बनाने का कार्य किया।