
खतरनाक ब्लू व्हेल चैलेंज गेम का अंतिम टास्क पूरा करने के लिए कायलाना झील में स्कूटी सहित उतरने का प्रयास करने वाली मंडोर निवासी किशोरी का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उस पर गेम का पागलपन इस कदर सवार था कि जब गोताखोरों और पुलिस ने उसे बचाया तो वह उनसे कहने लगी कि उसे सुसाइड करने दो, मत बचाओ वरना उसकी मम्मी मर जाएगी। मोबाइल गेम से मिले इस खतरनाक टास्क से उसके परिजन अब भी चिंतित हैं।
पार्टी कर गोताखोर लौट रहे थे तो किशोरी दिखी किशोरी को बचाने वाले गोताखोर विक्रम सिंह व उसके साथी ने सोमवार देर रात कायलाना झील पर अपने दोस्तों के साथ पार्टी का आयोजन किया था। वे लौट रहे थे तो अंधेरे में एक किशोरी स्कूटी लेकर पथरीले रास्ते से झील में उतरते हुए दिखी। गोताखोरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, तो वह विरोध करने लगी और पानी में उतरने लगी। जब उसे बचाया गया तो चिल्लाते हुए बोली कि उसे मत बचाओ अन्यथा उसकी मम्मी मर जाएगी। यह सुन गोताखोर भी चौंक गए, लेकिन उसके हाथ पर चाकू से ब्लू व्हेल की आकृति उकेरी हुई देख वे समझ गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इस बीच पुलिस भी गश्त करते हुए वहां पहुंच गई।
किशोरी की मानसिक हालत से परेशान परिजन
किशोरी दसवीं कक्षा की छात्रा है। पुलिस ने किशोरी को परिजनों के सुपुर्द किया। इसके बाद परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, वहां उसका उपचार जारी है। हालांकि किशोरी के परिजन मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन वे उसकी मानसिक और शारीरिक हालत को लेकर चिंतित हैं। राजीव गांधी नगर थानाधिकारी लेखराज सियाग ने बताया कि बचाने के बाद रात में किशोरी अपने घर जाने के लिए तैयार नहीं थी। उसे बमुश्किल समझाइश कर भेजा गया।
स्कूलों में एडवाइजरी जारी
इधर, मंगलवार को शहर की कई निजी व सरकारी स्कूलों में इस गेम से दूर रहने के लिए जागरुकता अभियान चलाया गया और एडवाइजरी जारी की गई। इसमें माता-पिता व बच्चों को इसे लेकर सतर्क रहने के लिए कहा गया है। कुछ स्कूलों में इस सम्बंध में बच्चों व परिजनों को परचे भी वितरित किए गए। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों पर इस लेकर विशेष नजर रखें।
Published on:
06 Sept 2017 12:19 pm
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