छात्राओं ने बनाया कढ़ी-सोगरा और बाजरी का चूरमा

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- राजस्थानी मांडणा व व्यंजन प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने दिखाया उत्साह

By: Gajendrasingh Dahiya

Published: 04 Mar 2021, 06:09 PM IST

जोधपुर. जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित राजस्थानी सांस्कृति सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को राजस्थानी मांडणा व राजस्थानी व्यंजन प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। कमला नेहरिु महिला महाविद्यालय में हुई प्रतियोगिता में छात्राओं ने राजस्थानी व्यंजन बनाए। किसी ने कैर व सांगरी की सब्जी बनाई तो कोई खीच कूट कर लाई। कुछ ने लजीत कढ़ी और सोगरा बनाया। बाजरी के आटे की राबड़ी को भी देखकर मुंह में पानी आ गया। देशी सब्जी राबोड़ी, गट्टे, कच्चे कैरकुमटे की सब्जी ने भी मन मोहा। बाजरी का चूरमा भी प्रतियोगिता में था। इसके बाद छात्राओं ने मांडणा प्रतियोगिता में चैक, संझया, श्रवणकुमार, नागों का जोड़ा, डमरु, जलेबी, फीणी, चंग, मेहन्दी, केल, बहुपसरो, बेल, दसेरो, साथिया, लगल्या, शकरपारा, सूरज, केरी, पान, कुण्ड, बीजणी, पंच-नारेल, चंवरछत्र, दीपक, हटड़ी, रथ, बैलगाड़ी, मोर व अन्य पशुपक्षी के आकर्षक मांडणे बनाए।
राजस्थानी संस्कृति प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. मीनाक्षी बोराणा ने बताया कि प्रतियोगिताओं का उद्देश्य आज की पीढी को पारम्परिकता से जुड़े रखने के लिए और राजस्थानी संस्कृति की महत्त्वता का प्रतिपादन करने के लिए आयोजित की जाती रही है। कार्यक्रम में प्रभारी डॉ. जया भण्डारी, डॉ. लेखू गहलोत, डॉ. पूजा राजपुरोहित और डॉ. कीर्ति महेश्वरी ने विद्यार्थीयों को राजस्थानी व्यंजन परोसने की विधियां बताई। डॉ. नम्रता स्वर्णकार मांडणा का महत्व बताया।

Gajendrasingh Dahiya Reporting
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