सरकारी कॉलेजों में अब कम्यूनिटी कनेक्ट, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से उच्च शिक्षा में योगदान की अपेक्षा

सरकारी कॉलेजों में अब कम्यूनिटी कनेक्ट, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से उच्च शिक्षा में योगदान की अपेक्षा
सरकारी कॉलेजों में अब कम्यूनिटी कनेक्ट, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से उच्च शिक्षा में योगदान की अपेक्षा

Harshwardhan Singh Bhati | Updated: 11 Oct 2019, 04:28:59 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

राज्य सरकार अब कम्युनिटी कनेक्ट कार्यक्रम के जरिए उच्च शिक्षा में अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की मदद लेकर उसे उत्कृष्टता प्रदान करने में जुटी है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र छात्राओं के माता-पिता, पड़ोसी समाज सुधारक और विभिन्न गैर सरकारी संगठनों को कॉलेज में आमंत्रित किया जाएगा और उन्हें कॉलेजों व विद्यार्थियों के विकास में योगदान के लिए प्रेरित किया जाएगा।

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. राज्य सरकार अब कम्युनिटी कनेक्ट कार्यक्रम के जरिए उच्च शिक्षा में अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की मदद लेकर उसे उत्कृष्टता प्रदान करने में जुटी है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र छात्राओं के माता-पिता, पड़ोसी समाज सुधारक और विभिन्न गैर सरकारी संगठनों को कॉलेज में आमंत्रित किया जाएगा और उन्हें कॉलेजों व विद्यार्थियों के विकास में योगदान के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इसी तरह का पहला कार्यक्रम 12 अक्टूबर को चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित राजकीय महाविद्यालय में होगा। यह अभिभावक सम्मेलन होगा जिसमें विद्यार्थियों को अपने माता-पिता को कॉलेज आमंत्रित करने के लिए कहा गया है। इससे पहले कम्यूनिटी कनेक्ट कार्यक्रम के अंतर्गत कम्यूनिटी बुक बैंक शुरू की जा चुकी है जिसमें छात्र-छात्राएं स्वयं ही लाइब्रेरी का संचालन करते हैं और जरूरतमंद विद्यार्थियों को सबसे पहले बुक्स डिस्ट्रीब्यूटर करते हैं।

रिटायर है तो पढ़ा सकते हैं
इसके अंतर्गत विभिन्न प्रोफेशनल को भी कॉलेज बुलाया जाएगा। कॉलेज के रिटायर्ड टीचर्स को पढ़ाने के लिए निवेदन किया जाएगा। वर्तमान में कॉलेज शिक्षा के करीब 1000 पदों की भर्ती प्रक्रिया कोर्ट में होने की वजह से प्रदेश के कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है। साथ ही नए कन्या महाविद्यालय खोले जाने से वहां भी शिक्षकों की आवश्यकता है। कॉलेज में इंजीनियर, डॉक्टर और चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे प्रोफेशनल को भी आमंत्रित कर उनकी वॉलंटरी सर्विस ली जाएगी। इंजीनियर कॉलेज के मेंटेनेंस से संबंधित अपनी सलाह दे सकते हैं जबकि चार्टर्ड अकाउंटेंट और डॉक्टर कैंप लगाकर छात्र-छात्राओं की मदद कर सकते हैं।

अब 70 किमी तक कर सकते हैं ट्रांसफर
प्रदेश के कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए कार्य व्यवस्था के अंतर्गत नोडल अधिकारियों को स्थानांतरण करने की सीमा 50 किलोमीटर से बढ़ाकर 70 किलोमीटर कर दी गई है। यह आदेश गुरुवार को जारी किए गए। राजकीय महाविद्यालय जोधपुर के प्राचार्य डॉ नितिन राज के पास जिले के 13 महाविद्यालय का जिम्मा है। उन्होंने बताया कि कई कॉलेजों में शिक्षकों की कमी होने के कारण कार्य व्यवस्था के अंतर्गत आधिक्य वाले कॉलेजों से शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाएगा।

एजुकेशन से जोडऩा है
इस कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा में समाज के विकास के योगदान को बढ़ाना है ताकि कॉलेजों के साथ स्टूडेंट्स को भी बेहतर संसाधन मिल सकें।
डॉ नितिन राज, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय जोधपुर

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