
सरकार ने जोधपुर को दी एक और मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल की सौगात
जोधपुर.
राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में आखिर जोधपुर को बड़ी सौगात दे ही दी। संभाग के सबसे पहले बहुप्रतिक्षित सुपरमल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल और मेडिकल को भूमि आवंटित कर दी गई है। सरकार के नगरीय विकास विभाग की ओर से जारी आदेश में राजस्थान विकास संस्थान को जोधपुर में 750 बेड युक्त मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल के लिए 55 बीघा जमीन आवंटित कर दी गई है.
रिसर्जेंट राजस्थान में हुआ था एमओयू
उल्लेखनीय है कि 2015 में रिसर्जेंट राजस्थान में राज्य सरकार और राजस्थान विकास संस्थान के बीच 500 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज बनाने का एमओयू जयपुर में हुआ था। रिसर्जेंट राजस्थान में जोधपुर विकास प्राधिकरण ने 10 प्रोजेक्ट भेजे थे, जिनमें से केवल राजस्थान विकास संस्थान के मेडिकल कॉलेज के प्रोजेक्ट को ही स्वीकृति मिली थी। यह एमओयू तत्कालीन केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और तत्कालीन नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री राजपाल सिंह मौजूदगी में हुआ था। तीन साल के बाद कैबिनेट की ओर से भूमि आवंटन को मंजूरी मिली और अब आवंटन पत्र जारी कर दिया गया है।
क्या है सुपर स्पेशलिटी
डॉक्टरी में पोस्ट ग्रेज्युएट डिग्री (एमडी/एमएस) को स्पेशलिटी कहा जाता है। इसके ऊपर तीन साल का सुपर स्पेशलिटी कोर्स मेडिसिन के डॉक्टरों के लिए डीएम व सर्जरी के लिए एमसीएच होता है। सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर हर अंग के लिए अलग-अलग होते हैं। उन्हें उसकी बारीक जानकारी होती है। जैसे हार्ट के लिए कार्डियोलाजिस्ट, नवजातों के लिए नियोनेटोलॉजिस्ट, दिमाग व स्पाइन की सर्जरी के लिए न्यूरो सर्जन आदि।
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यह होंगी सुविधाएं
- सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 750 बेड होंगे।
-अलग-अलग तरह की सुपर स्पेशलिटी सेवाएं मिलेंगी। कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी व न्यूरोसर्जरी जैसे अहम विभाग होंगे।
- एक जगह पर सुपर स्पेशलिटी कोर्स होंगे, इसका फायदा उस अस्पताल को तो मिलेगा ही प्रदेश को सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिल सकेंगे।
इनका कहना है-
मेडिकल कॉलेज में 750 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। इसके अलावा चिकित्सकों पेशवरों की कमी को दूर करने के लिए चिकित्सक प्रदान करेगा एवं 1000 कर्मचारियों को रोजगार मिलेगा।
-मनीष व्यास, चेयरमेन, राजस्थान विकास संस्थान
Published on:
24 Sept 2018 06:19 pm
