10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आरयू में सरकार ने बैठाई जांच कमेटी, घबराया जेएनवीयू पहुंचा यूजीसी के द्वार

- सीएएस के तहत पदोन्नति प्रक्रिया में फंसा पेच, हैड व डीन ने फिर नियम मांगें तो अब यूजीसी से मांगी राय- सरकार की वित्तीय स्वीकृति को लेकर भी संशय
2 min read
Google source verification
आरयू में सरकार ने बैठाई जांच कमेटी, घबराया जेएनवीयू पहुंचा यूजीसी के द्वार

आरयू में सरकार ने बैठाई जांच कमेटी, घबराया जेएनवीयू पहुंचा यूजीसी के द्वार

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) की ओर से कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के अंतर्गत शिक्षकों की होने वाली पदोन्नति में एक बार फिर से नया पेच फंस गया है। राजस्थान विश्वविद्यालय (आयू) में सीएएस के तहत हुए पदोन्नति पर गत सप्ताह सरकार की ओर से जांच कमेटी बैठाने के बाद जेएनवीयू ने अपने हैड और डीन की नाराजगी को अब गंभीरता से लिया है। बुधवार को हुई बैठक में विवि प्रशासन ने अब पदोन्नति के संबंध में रेगुलेशन लागू करने और नियमों की स्पष्टता को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से राय मांगी है। उधर विवि के कुछ हैड व डीन ने राज्य सरकार की वित्तिय स्वीकृति को लेकर भी सवाल खड़ा किया है।

जेएनवीयू ने छह महीने पहले सीएएस के तहत पदोन्नति को लेकर डीन व हैड की कमेटियां गठित की थी और स्क्रूटनिंग शुरू करने के निर्देश दिए लेकिन नियमों की स्पष्टता नहीं होने से विवि के विज्ञान संकाय के तत्कालीन डीन प्रो. अशोक पुरोहित ने इस्तीफा दे दिया। वाणिज्य संकाय डीन प्रो. महेंद्र सिंह राठौड़ ने भी सवाल उठाए। विवि के कुछ विभागाध्यक्षों ने अपने पद से इस्तीफे दे दिए तब विवि प्रशासन ने सिण्डीकेट में स्क्रूटनिंग के कुछ नियमों को अंतिम रूप दिया लेकिन अब भी यूजीसी रेगुलेशन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है जिसके चलते बुधवार को हुई बैठक में भी कुछ डीन ने विरोध के स्वर दिखाए।

स्कूल और कॉलेज में शिक्षण के अनुभव जोड़े
सीएएस के तहत वर्ष 2008 और 2012-13 में भर्ती हुए शिक्षकों की पदोन्नति की जानी है। इसमें भर्ती हुए कुछ शिक्षकों ने अपने स्कूली अनुभव और जेएनवीयू से इत्तर अन्य महाविद्यालयों के शिक्षण अनुभव भी पदोन्नति आवेदन पत्र में जोड़ दिए हैं। कुछ शिक्षक गेस्ट फैकल्टी के अनुभव को भी शामिल करके एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और सीनियर प्रोफेसर में पदोन्नत होने की लालसा पाले बैठे हैं। यूजीसी समय-समय पर रेगुलेशन जारी करती है। अगर यूजीसी के ताजा रेगुलेशन के तहत सीएएस होती है तो बहुत कम शिक्षक पदोन्नत हो पाएंगे।

सरकार से पूछा या नहीं?
बुधवार को हुई बैठक में एक शिक्षक ने सरकार के वित्त विभाग की स्वीकृति को लेकर भी सवाल खड़ा किया लेकिन विवि प्रशासन ने स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। सरकार के बगैर पूछे सीएएस होती है तो फिर आरयू की तरह यहां भी कार्यवाही होगी।