
सरकार बताए, समय सीमा में क्यों चाहिए शिथिलता
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जोधपुर स्थित संक्रामक रोग संस्थान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए विशेषज्ञों की सिफारिशों के मद्देनजर बजट प्रावधानों और सरकार की ओर से कुछ सिफारिशें लागू करने के लिए अतिरिक्त समय दिए जाने के कारणों पर शपथ पत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं।
अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को होगी।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा और न्यायाधीश विनीतकुमार माथुर की खंडपीठ में स्वप्रसंज्ञान के आधार पर दर्ज जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता पंकज शर्मा ने बताया कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने कार्यों व प्रक्रियाओं की समय सीमा तय की है। अपेक्षित डेडलाइन व सरकार द्वारा तय सीमा में कमेटी को कुछ शिथिलता चाहिए।
न्याय मित्र विकास बालिया ने एक बार फिर कहा कि इस संस्थान सहित राजकीय चिकित्सालयों की प्रयोगशालाओं का नियामकीय संस्थाओं से अधिप्रमाणन होना आवश्यक है। इसी आधार पर रिपोर्ट की प्रामाणिकता का पता चल सकेगा। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट की ओर से इस सम्बंध में विशेषज्ञ कमेटी का गठन की थी, जिसने हाल ही अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
Published on:
28 Sept 2019 02:02 am
