
Kerosene,
गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. प्रदेश में राशन की दुकानों पर इस साल संभवत: अंतिम बार केरोसीन दिया जाएगा। वर्ष 2021 तक पूरा राज्य केरोसीन फ्री होने की उम्मीद है। अब तक 33 में से 21 जिलों में केरोसीन बंद कर दिया गया है। जोधपुर व जयपुर संभाग के तो सभी जिले केरोसीन मुक्त हो गए हैं। गौरतलब है कि मई 2019 तक केवल चार जिलों जयपुर, जोधपुर, कोटा व अजमेर में ही केरोसीन आवंटन शून्य किया गया था, जिसमें पिछले आठ महीने में 17 अन्य जिलों में भी केरोसीन बंद कर दिया गया।
घरेलू गैस को घर-घर बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई उज्ज्वला योजना के बाद अब राज्य सरकार प्रदेश के 21 शहरों में पाइप लाइन से एलपीजी पहुंचाने जा रही है। इसके चलते प्रदेश में अब धीरे-धीरे केरोसीन का उपयोग खत्म होने को है। वर्तमान में खाना बनाने और प्रकाश व्यवस्था के लिए केरोसीन दिया जाता है। प्रति परिवार 2.5 लीटर केरोसीन मिलता है।
3 साल में 21 गुणा केरोसीन कम
सरकार धीरे-धीरे केरोसीन खत्म कर रही है। करीब 3 साल पहले अप्रेल 2017 में प्रदेश में कुल केरोसीन आवंटन 21 हजार 660 किलोलीटर (केएल) था जो अब केवल 996 केएल रह गया है। वर्तमान में सर्वाधिक केरोसीन बांसवाड़ा में 180 केएल दिया जा रहा है। सबसे कम केरोसीन उदयपुर व बारां में 24-24 केएल दिया जा रहा है।
11 रुपए लीटर महंगा हुआ केरोसीन
पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर तेल कम्पनियां केरोसीन में हर पखवाड़े 20 से 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर सब्सिडी को कम कर रही है। वर्तमान में इसकी कीमत 38.30 रुपए लीटर है, जबकि मई 2018 में 27.40 रुपए लीटर थी।
ये जिले केरोसीन फ्री
जयपुर, दौसा, सीकर, झुंझनूं, अलवर, जोधपुर, जैसलेमर, बाड़मेर, सिरोही, पाली, जालोर, भरतपुर, करौली, अजमेर, भीलवाड़ा, कोटा, बीकानेर, हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, चितौडगढ़़।
इन जिलों में मिल रहा केरोसीन
धौलपुर, सवाई माधोपुर, नागौर, टोंक, बारां, झालावाड़, बूंदी, चूरू, श्रीगंगानगर, उदयपुर, राजसमंद, बासंवाड़ा।
Published on:
16 Jan 2020 02:29 pm
