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Rajasthan News: राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी सरकार पर जमकर हमला बोला। डोटासरा ने कहा कि भजनलाल सरकार पूरी तरह विफल रही है और मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली से पर्ची बदलने की तैयारी हो चुकी है, क्योंकि मंत्रियों और विधायकों की शिकायतें लगातार उच्च स्तर पर पहुंच रही हैं।
डोटासरा ने मंत्रियों के आपसी मतभेदों पर भी तंज कसते हुए कहा कि शेर और बकरी को एक साथ हेलिकॉप्टर में बैठा दिया, दोनों को एक हेलीकॉप्टर में भेजकर एक घाट पर पानी पिलाने की कोशिश की गई है। बता दें डोटासरा का यह तंज अप्रत्यक्ष रूप से मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और जवाहर सिंह बेढम पर था।
डोटासरा ने जोधपुर सेकंड हाउस में पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री काम नहीं कर पा रहे हैं। उनकी कुर्सी पूरी तरह हिल चुकी है। ऊपर पूरा फीडबैक पहुंच गया है और अब पर्ची बदलने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भजनलाल सरकार ने डेढ़ साल में कांग्रेस के पांच साल के काम को बर्बाद कर दिया। किसानों को खाद के लिए लाठियां खानी पड़ रही हैं, और मंत्रियों के बीच आपसी तनातनी चरम पर है।
डोटासरा ने कहा कि विधायक काम चाहते हैं, लेकिन मंत्री उनकी सुन नहीं रहे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ मंत्री जेसीबी पर चढ़ रहे हैं, कुछ टावर पर और कुछ हेलीकॉप्टर से उड़ रहे हैं, लेकिन जनता के लिए कोई काम नहीं हो रहा।
डोटासरा ने विशेष रूप से किरोड़ी लाल मीणा और जवाहर सिंह बेढम के बीच तनाव पर निशाना साधा। उन्होंने खुलासा किया कि चार दिन पहले किरोड़ी लाल मीणा दिल्ली पहुंचे थे और जवाहर सिंह बेढम की शिकायत की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि बेढम ने सवाई माधोपुर और भरतपुर सहित पूरे प्रदेश का बेड़ा गर्क कर दिया है।
डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि अब इन दोनों शेर और बकरी को एक हेलीकॉप्टर में बाढ़ क्षेत्र भेज दिया गया, जैसे एक घाट पर पानी पिलाने की कोशिश हो रही हो। उन्होंने कहा कि मंत्रियों की आपसी खींचतान और अफसरशाही का बोलबाला पूरे प्रदेश को परेशान कर रहा है।
डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सिर्फ अपने भाग्य के दम पर मुख्यमंत्री बने हैं। जब पद पर नहीं रहेंगे तब भी पूर्व मुख्यमंत्री तो कहलाएंगे, लेकिन जनता काम के आधार पर आकलन करती है, पद के आधार पर नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भजनलाल विधायकों और जनता की शिकायतें सुनने में नाकाम रहे हैं। शिकायतें दिल्ली तक पहुंचने के बाद अब वे विधायकों को बुलाकर मिलन समारोह कर रहे हैं, ताकि अपनी कुर्सी बचाई जा सके। डोटासरा ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता और जनता दोनों सरकार से नाराज हैं, क्योंकि कोई काम नहीं हो रहा।
डोटासरा ने किरोड़ी लाल मीणा के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बाढ़ से 80 लोगों की मौत होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंत्री इतने बड़े दावे कर रहे हैं, तो मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं? मुख्यमंत्री का कोई दायित्व नहीं बनता? वे सिर्फ कांग्रेस को कोसने में व्यस्त हैं। डोटासरा ने कहा कि लोग चाहते हैं कि सरकार काम करे, लेकिन बीजेपी सरकार में सिर्फ शिकायतें और समारोह हो रहे हैं।
पंचायत चुनाव में देरी पर डोटासरा ने कहा कि संविधान के अनुसार समय पर चुनाव होने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधानसभा और लोकसभा चुनाव पांच साल में हो रहे हैं, तो पंचायत चुनाव क्यों रुके हुए हैं? उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने भी इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और बीजेपी सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।
अंता विधानसभा उपचुनाव में नरेश मीणा को टिकट देने के सवाल पर डोटासरा ने साफ किया कि अभी टिकट का समय नहीं आया है। उन्होंने कहा कि नरेश मीणा पहले निर्दलीय चुनाव लड़कर अपना भाग्य आजमा चुके हैं और यह फैसला आलाकमान को करना है। बता दें, आज गोविंग सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश प्रभारी सुखजिंद्र सिंह रंधावा जोधपुर से जैसलमेर के मोहनगढ़ जाएंगे, जहां वे दिवंगत पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम को श्रद्धांजलि देंगे।
Updated on:
26 Aug 2025 01:08 pm
Published on:
26 Aug 2025 01:08 pm
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