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स्वर्णिम विजय मशाल का जोधपुर मिलिट्री स्टेशन पर भव्य स्वागत

- भारत-पाक 1971 युद्ध में वीरता पदक पाने वाले 9 सैनिकों का सम्मान, लांस नायक सोनाराम व कर्नल बाबू खान खुद पहुंचे- एयर वाइस मार्शल चंदन सिंह के घर ले जाई गई मशाल, परिजनों ने सेना को सौंपी घर के आंगन की मिट्टी- आज वायुसेना स्टेशन आएगी मशाल
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स्वर्णिम विजय मशाल का जोधपुर मिलिट्री स्टेशन पर भव्य स्वागत

स्वर्णिम विजय मशाल का जोधपुर मिलिट्री स्टेशन पर भव्य स्वागत

जोधपुर. भारत-पाक 1971 के युद्ध में भारत की विजय के पचास साल पूरे होने के मौके पर 19 दिसम्बर 2020 को दिल्ली से रवाना हुई विजय स्वर्णिम मशाल दो दिन पहले जोधपुर पहुंची। सोमवार को विजय मशाल के सम्मान में जोधपुर मिलिट्री स्टेशन स्थित कोणार्क युद्ध स्मारक पर मुख्य समारोह हुआ। यहां मशाल को कोणार्क कोर के कमाण्डर लेफ्टिनेंट जनरल पीएस मन्हास, मेजर जनरल समीर कल्ला और जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन के इंचार्ज एयर कोमोडोर प्रोज्ज्वल सिंह और 1971 के युद्ध में भाग लेने वाले पदक विजेता पूर्व सैनिकों द्वारा पुष्प चक्र अर्पित करने के बाद सलामी दी गई।

एक मील की दौड़ के साथ कोणार्क कोर की टॉर्च रिले टीम प्रज्जवलित मशाल को लेकर सुबह 6.50 बजे युद्ध स्मारक पर पहुंची, जहां विजय फ्लेम का स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर एसपी सिन्हा ने स्वागत किया। इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में 1971 युद्ध के 9 वीरता पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। लांस नायक सोनाराम और कर्नल बाबू खान स्वयं समारोह में पहुंचे। अन्य सैनानियों के परिजनों ने सम्मान प्राप्त किया। कार्यक्रम में 1971 के युद्ध के सैनानी मेजर जनरल शेरसिंह, सूबेदार मेजर नगसिंह और हवलदार अमरसिंह भाटी भी शामिल हुए। यहां से विजय मशाल बीएसएफ मुख्यालय गई। मंगलवार को एयरफोर्स स्टेशन ले जाया जाएगा। 9 मई को मशाल जैसलमेर के लिए रवाना हो जाएगी।

महावीर चक्र विजेता चंदन सिंह के घर पहुंची मशाल, आज कर्नल मेघसिंह के घर
सेना की ओर से विजय मशाल को 1971 के युद्ध के बहादुरों के घर ले जाकर वहां के आंगन की मिट्टी भी एकत्रित की जा रही है। सोमवार दोपहर 1 बजे पंचवटी कॉलोनी स्थित स्वर्गीय एयर वाइस मार्शल चंदन सिंह के घर मशाल पहुंची। चंदन सिंह ने युद्ध में असम सेक्टर बहादुरी से लड़ाई लड़ी और उन्हें महावीर चक्र व वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यहां घर पर उनकी पत्नी जेनू कंवर और पुत्र सज्जन सिंह ने मशाल रीसिव की। मशाल को सम्मानित करने के बाद चंदनसिंह के घर के आंगन की मिट्टी एक लाल बैग में सेना को दी गई। बुधवार को मशाल नींबों का तालाब स्थित वीर चक्र विजेता स्वर्गीय लेफ्टिनेंट कर्नल मेघ सिंह के घर जाएगी। सात जुलाई को ओसियां में स्वर्गीय ग्रेनेडियर मंगल सिंह (वीर चक्र) और 8 जुलाई को शेरगढ़ में स्वर्गीय ब्रिगेडियर उदय सिंह भाटी (वीर चक्र) के निवास स्थान पर जाएगी। देशभर के शहीदों की मिट्टी लेकर चारों दिशाओं में गई चारों मशालें दो महीने बाद दिल्ली पहुंचेगी।

1971 के युद्ध के इन जांबांजों को किया सम्मानित
- लांस नायक सोनाराम: जमालपुर व शेरपुर सेक्टर में वीरता दिखाई।
- कर्नल बाबू खान: बाड़मेर सेक्टर में वीरता दिखाई।
- ले. कर्नल मेघसिंह: पश्चिची सीमा पर लड़े
- ग्रेनेडियर मंगलसिंह: दुश्मनों पर घातक एलएमजी फायरिंग की
- मेजर जनरल जीसी भंडारी: सिंध सेक्टर में चौकियों पर कब्जा किया
- कर्नल राजेंद्र सिंह: पाक के अंदर 80 किमी तक छाछरों लड़ाई में भूमिका रही
- कर्नल खेतपाल सिंह: रणिहाल पोस्टर पर कब्जा किया
- फ्लाइट लेफ्टिनेंट जगमाल सिंह- जम्मू कश्मीर के अवंतीपुर सेक्टर में लड़े।
- पेटी ऑफिसर कर्णसिंह- नौ सेना में थे। पाक के विरुद्ध बहादुरी से लड़े।