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Gravel Protest: बजरी की वजह से अधर में लटका आशियाने का सपना

Gravel Protest: बजरी की बढ़ी दरों का विरोध जारी शहर के तीन हजार ठेकेदार-कारीगए हुए एककमठे बंद होने से अधर में आशियाने का सपनाकारीगर-मजदूर बैठे खाली हाथ
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Gravel Protest: बजरी की वजह से अधर में लटका आशियाने का सपना

Gravel Protest: बजरी की वजह से अधर में लटका आशियाने का सपना

Gravel Protest: जोधपुर. बजरी की मनमानी की दरों का विरोध जारी है। ठेकेदारों-कारीगरों के काम बंद कर देने से अपने आशियाने के सपने संजो रहे लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। जहां, बजरी की बढ़ी दरों के विरोध में तीसरे दिन भी हड़ताल जारी रही।

ठेकेदारों-कारीगरों की हड़़ताल की वजह से निर्माण कार्य बंद पड़े है, वहीं दैनिक मजदूरी से जीवन यापन करने वाला कमठा मजदूर खाली हाथ बैठने को मजबूर है। बजरी की बढ़ी दरों के विरोध में शहर के ठेकेदार-कारीगर एकजुट होकर विरोध कर रहे है। कारीगरों की एक ही मांग है कि जब तक बजरी की बढ़ी दरें वापस नहीं होगी, हड़ताल जारी रहेगी।


निर्माण कार्य बंद रखने का आह्वान
मारवाड़ कमठा ठेकेदार यूनियन की ओर से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ठेकेदारों-कारीगरों के साथ बैठकें कर निर्माण कार्य बंद कर व विरोध में शामिल होने का आह्वान किया जा रहा है। यूनियन संयोजक दयाल प्रजापत ने बताया कि रातानाड़ा में ठेकेदारों के साथ बैठक कर बजरी माफिया के विरोध करने की बात कही, जिसका ठेकेदारों ने समर्थन किया। इस कड़ी में बनाड़ रोड, सारण नगर, माता का थान, बकरा मंडी क्षेत्रों में ठेकेदारों से मिलकर काम बंद करने का आह्वान किया।


जगह-जगह हुए प्रदर्शन
जोधपुर कमठा मजदूर यूनियन भाटी चौराहा रातानाडा के सहसचिव नरपत परिहार व उपाध्यक्ष ब्रजमोहन चौधरी के नेतृत्व मे विरोधन प्रदर्शन किया गया। वहीं, भदवासिया क्षेत्र में भी कारीगरों-मजदूरों ने प्रदर्शन किया।


सोलंकी से मिले ठेकेदार
मण्डोर क्षेत्र के ठेकेदार-कारीगर शुक्रवार को ठेकेदार गणपतलाल गहलोत के नेतृत्व में सर्किट हाउस में राज्य पशुधन आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह सोलंकी से मुलाकात कर समस्या बताई।


30 रसीदें काटी
बजरी की बढ़ी दरों के विरोध में की जा रही हड़ताल में काम चालू रखने वाले ठेकेदार-कारीगरों से जुर्माने के रूप में राशि वसूल की जा रही है। मारवाड़ कमठा ठेकेदार यूनियन संयोजक दयाल ने बताया कि अब तक करीब 1100 से 51 हजार रुपए की करीब 30 रसीदें काटी जा चुकी है।