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जोधपुर में अनहोनी घटनाओं को रोकने के लिए इस शिव मंदिर से शुरू किया था रुद्राभिषेक, स्थापित हैं दो शिवलिंग

मुमुक्षु मंडली की स्थापना कर जोधपुर नगर में धर्म का प्रचार करने वाले श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ योगीराज गुरु शिवदत्त महाराज की तपोस्थली रहे शिवदत्त स्मारक जयंती दुर्ग फ तेह गढ़ी परिसर में सोमनाथ महादेव का प्राचीन मंदिर है। मंदिर में दो शिवलिंग हैं।

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जोधपुर में अनहोनी घटनाओं को रोकने के लिए इस शिव मंदिर से शुरू किया था रुद्राभिषेक, स्थापित हैं दो शिवलिंग

जोधपुर. मुमुक्षु मंडली की स्थापना कर जोधपुर नगर में धर्म का प्रचार करने वाले श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ योगीराज गुरु शिवदत्त महाराज की तपोस्थली रहे शिवदत्त स्मारक जयंती दुर्ग फ तेह गढ़ी परिसर में सोमनाथ महादेव का प्राचीन मंदिर है। मंदिर में दो शिवलिंग हैं। जोधपुर की रानी गुलाब कंवर की सहायता से प्रतिष्ठित किए गए दो शिवलिंग में बड़े शिवलिंग का नाम सोमनाथ और छोटे शिवलिंग का नाम रानी के नाम पर ही गुलाबेश्वर रखा गया।

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सिवांची गेट के बाहर स्थित शिवदत्त स्मारक परिसर में स्थित शिवालय में दोनों शिवलिंग की नियमित रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर परिसर के जलकुण्ड में हर साल श्रावणी उपाकर्म व श्राद्ध तर्पण का आयोजन भी होता है। श्रावण सोमवार को विशेष शृंगार व अभिषेक किया जाता है। औषधीय और धार्मिक महत्व के पेड़-पौधों से आच्छादित मंदिर परिसर में यज्ञशाला, गौशाला का संचालन होता है।

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स्मारक से जुड़े अचलेश्वर बोहरा ने बताया कि यह स्थान सदियों से ही संतों-सन्यासियों की तपोभूमि रहा है। दशकों पूर्व पुष्करणा समाज में लगातार अनहोनी घटनाओं के चलते जोधपुर के करीब 50 शिवालयों में रुद्राभिषेक योजना का शुभारंभ भी यही से किया गया था। मंदिर का पाटोत्सव वैशाख शुक्ल द्वादशी को मनाया जाता है।