
730 दिन में स्वास्थ्य विभाग ने जिन पान मसाला-जर्दा के सैंपल लिए सभी हो गए फेल, अब बढऩे लगी है कालाबाजारी
जोधपुर. चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग ने गत 730 दिन (दो साल) में पान मसाला-जर्दे के 6 सैंपल लिए और खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्रयोगशाला में जांच के बाद फेल हो गए। लैब की रिपोर्ट में पान मसाला-जर्दा में मिनरल ऑयल (मशीन का तेल) और कैंसरकारक मैग्नेशियम कार्बोनेट पाया गया। ये पाचनतंत्र को भी कमजोर करता है। इनका इस्तेमाल पान मसाले की चमक बढ़ाने के लिए कि या जा रहा है।
इधर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के लिए सरकार के निर्देशों का इंतजार है। ऐसे में प्रतिबंध के दूसरे दिन गुरुवार को शहर में कोई कार्रवाई नहीं हुई। राज्य सरकार की ओर से प्रतिबंध के बाद बुधवार दोपहर से ही शहर में पान मसाला-गुटखा-जर्दा व फ्लेवर्ड सुपारी की कालाबाजारी शुरू हो गई।
बड़े स्टॉकिस्ट से लेकर छोटे-बड़े दुकानदार तक सभी सामग्री एमआरपी से अधिक दाम पर बेच रहे हैं। शहर में कई शिक्षण संस्थानों, पान की दुकानों, केबिन, ठेले व किराणा दुकानों पर गुटखा बिक रहा है। मंडोर में और ओलंपिक रोड पर सरकारी स्कूलों के बाहर केबिन व ठेले पर गुटखे विक्रय होते नजर आए।
इनका कहना है...
प्रतिबंध के आदेश हमें प्राप्त हो चुके हैं। आगे दिशा-निर्देशानुसार अग्रिम कार्रवाई होगी।
- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ
Updated on:
04 Oct 2019 10:32 am
Published on:
04 Oct 2019 10:32 am
