
jodhpur
जोधपुर।
शीशम की लकड़ी के उत्पादों का निर्यात करना अब आसान होगा। हस्तशिल्प निर्यातक केन्द्र सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अधीन वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो से भी शीशम की लकड़ी के उत्पादों के निर्यात के लिए निशुल्क साइटस एनओसी ले सकेंगे और निर्यात कर सकेंगे। शीशम के निर्यात पर साइटस द्वारा व्यवसायिक रोक के बाद निर्यात के लिए वृक्ष सर्टिफिकेट को अनिवार्य किया गया था। वृक्ष सर्टिफिकेट लेने की प्रक्रिया जटिल है और करीब 1 लाख रुपए खर्चा आता है जबकि साइटस एनओसी निशुल्क और कम समय में मिलेगी। वृक्ष सर्टिफिकेट को साइटस एनओसी मानते हुए शीशम के हैण्डीक्राफ्ट उत्पादों के निर्यात पर छूट दी गई थी। लेदर, हॉर्न-बॉन सहित अन्य दूसरे हस्तशिल्प उत्पादों के लिए वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो निशुल्क सर्टिफिकेट जारी करता है । ब्यूरो अब शीशम के उत्पादों के लिए भी निशुल्क साइटस एनओसी जारी करेगा। कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेंजर्ड स्पीशीज ऑफ वाइल्ड फाउना एण्ड फ्लोरा (साइटस) ने 29 नवम्बर 2016 को एक अधिसूचना जारी कर शीशम की लकड़ी के व्यवसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। साइटस ने भारतीय साइटस प्रबंधन को शीशम के लिए कंपेयरबल सर्टिफि केट देने का अधिकार दिया था। भारत में नई दिल्ली में साइटस का कार्यालय वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो है । वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने ईपीसीएच को शीशम के हैण्डीक्राफ्ट उत्पादों के लिए सर्टिफि केट जारी करने के लिए एजेंसी नियुक्त किया था।
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नई दिक्कत, यूरोप में निर्यात के लिए हर लकड़ी की देनी होगी जानकारी
वृक्ष सर्टिफिकेट के बाद जोधपुर के निर्यातकों के लिए नई दिक्कत आने वाली है। यूरोप में फ्लेग्ड एक्ट के तहत वैध लकडी के सर्टिफि केट की अनिर्वायता होने वाली है । इसके तहत यूरोप में कोई भी लकड़ी के उत्पाद भेजने पर आने वाले दिनो में लकड़ी के वैधता के सर्टिफि केट की अनिवार्यता होगी । शीशम के अलावा आम, बबूल, सागवान आदि लकड़ी के उत्पादों के लिए भी सर्टिफिकेट जारी होंगे।
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वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो द्वारा शीशम के लिए साइटस एनओसी निशुल्क मिलने से यहां के निर्यातकों को आर्थिक फ ायदे के साथ ही समय की भी बचत होगी।
डॉ. भरत दिनेश, अध्यक्षजोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
Updated on:
05 Oct 2018 10:14 pm
Published on:
05 Oct 2018 10:14 pm
