10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जोधपुर
हरयाळो राजस्थान अभियान के प्रति दिखा उत्साह, बड़ों के साथ बच्चों ने पौधरोपण कर जाना पर्यावरण संरक्षण का महत्व
Play video

हरयाळो राजस्थान अभियान के प्रति दिखा उत्साह, बड़ों के साथ बच्चों ने पौधरोपण कर जाना पर्यावरण संरक्षण का महत्व

जोधपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हुआ पौधारोपण
Google source verification

जोधपुर. प्रदेश को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से राजस्थान पत्रिका के हरयाळो राजस्थान महाभियान से विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक-धार्मिक-शैक्षिक व औद्योगिक संगठन जुडऩे लगे हैं। सिंधी कॉलोनी शास्त्रीनगर में सिंधी कॉलोनी विकास समिति, क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों के सहयोग से सुबह 10 बजे हरयाळो राजस्थान कार्यक्रम के तहत पौधारोपण किया गया। इसमें उप महापौर देवेंद्र सालेचा के सानिध्य में क्षेत्र के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों और बूढ़ों ने मिलकर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। मंडोर क्षेत्र के मगरा पूंजला चैनपुरा स्थित प्राचीन रामतलाई नाडी में सैनिक क्षत्रिय रामतलाई संरक्षण एवं पर्यावरण विकास संस्था की ओर से पौधारोपण किया गया। विश्नोई टाइगर्स वन्य एवं पर्यावरण संस्था के तत्वावधान में जिले के पीथावास खोखरी नाडी परिसर एवं सार्वजनिक स्थलों पर हरयाळो राजस्थान के तहत पौधरोपण किया गया। रामस्नेही पर्यावरण विकास समिति की ओर से सूरसागर बड़ा रामद्वारा परिसर में हरयाळो राजस्थान के तहत महंत संत रामप्रसाद के सान्निध्य में पौधारोपण हुआ। विश्व हिंदू परिषद की ओर से कमला नेहरू नगर केशव परिसर स्थित आदर्श विद्या मंदिर परिसर में शाम 4 बजे पौधारोपण हुआ। आध्यात्मिक क्षेत्र पर्यावरण संस्थान की ओर से सिवांची गेट स्थित अजनेश्वर आश्रम परिसर में सुबह 10.30 बजे हरयाळो राजस्थान का आयोजन किया गया। राईका बाग स्थित युगल जोड़ी बाबा रामदेव मंदिर के पास सुबह 11 बजे सैनाचार्य अचलानंदगिरि के सान्निध्य में हरयाळो राजस्थान की शुरुआत की गई। हनुमानगढ़ पर्यावरण सेवा संस्थान की ओर से रविवार को चांदपोल गोवद्र्धन तालाब स्थित हनुमानगढ़ में पौधारोपण किया गया। संस्थान के अध्यक्ष देवेन्द्र व्यास व सचिव रितेश दवे ने बताया कि संस्था के सदस्यों की ओर से पीपल, बरगद, नीम, आम, आंवला, इमली, अर्जुन छाल सहित विभिन्न औषधि महत्व व फ लदार पौधे रौपे गए।