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कोविड-19 के प्रकोप के चलते अदालतों में जारी रहेगी वीसी से सुनवाई की मौजूदा व्यवस्था

कोविड-19 के प्रकोप के चलते राजस्थान हाईकोर्ट सहित अधीनस्थ अदालतों में लॉकडाउन-4 के दौरान भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई की मौजूदा व्यवस्था लागू रहेगी। शनिवार को मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति की अध्यक्षता में लॉकडाउन-4 के दौरान और उसके बाद अदालती कामकाज की रूपरेखा को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
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hearings at rajasthan highcourt will be done through video conference

कोविड-19 के प्रकोप के चलते अदालतों में जारी रहेगी वीसी से सुनवाई की मौजूदा व्यवस्था

जोधपुर. कोविड-19 के प्रकोप के चलते राजस्थान हाईकोर्ट सहित अधीनस्थ अदालतों में लॉकडाउन-4 के दौरान भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामलों की सुनवाई की मौजूदा व्यवस्था लागू रहेगी। शनिवार को मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति की अध्यक्षता में लॉकडाउन-4 के दौरान और उसके बाद अदालती कामकाज की रूपरेखा को लेकर विचार-विमर्श हुआ। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में मुख्यपीठ तथा जयपुर पीठ के न्यायाधीशों के अलावा बार संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हाईकोर्ट प्रशासन ने हालांकि शनिवार शाम तक इस संबंध में अधिसूचना जारी नहीं की थी, लेकिन बैठक में शामिल बार प्रतिनिधियों ने बताया कि अदालतों के कार्य करने की समयावधि को बढ़ाते हुए कार्य अवधि प्रात : 8.30 से 12.30 तय की गई है। साथ ही प्रतिदिन सूचीबद्ध होने वाले मुकदमों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जाएगी।

सीवरेज ड्रेनेज पर अतिक्रमण को लेकर जवाब मांगा
राजस्थान हाईकोर्ट ने हनुमानगढ़ शहर की एक कॉलोनी के बाहरी सीवरेज ड्रेनेज पर अतिक्रमण हटाने को लेकर दायर याचिका पर नगर परिषद व संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायाधीश अरुण भंसाली ने सनसिटी एनक्लेव निवासी दलवीरसिंह एवं अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के बाद कहा कि कॉलोनी में साफ-सुथरा वातावरण सुनिश्चित करना नगर परिषद का दायित्व है। कोर्ट ने कॉलोनी के आंतरिक सीवरेज ड्रेनेज को बाहरी ड्रेनेज से जोडऩे के लिए उचित कदम उठाने को कहा है।

याची के अधिवक्ता संजीत पुरोहित ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कहा कि सनसिटी एनक्लेव टाउनशिप पॉलिसी के अंतर्गत अनुमोदित कॉलोनी है, जिसके बाह्य विकास शुल्क के रूप में याचिकाकर्ताओं ने अपेक्षित राशि भी परिषद में जमा करवाई है। आंतरिक विकास के तौर पर कॉलोनी में सीवरेज की निकासी के लिए ड्रेनेज की सुविधा है, लेकिन उसे बाहर से जोडऩे वाले ड्रेनेज पर एक व्यक्ति ने रैम्प बनाकर अतिक्रमण कर लिया है। अतिक्रमण हटाने के लिए परिषद को ज्ञापन दिया गया, लेकिन अतिक्रमणकारी को केवल नोटिस देकर कत्र्तव्य की इतिश्री कर ली गई। एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को परिषद आयुक्त को एक ज्ञापन देने को कहा। साथ ही आयुक्त को समूचा मामला देखने के निर्देश के साथ उचित कदम उठाने को कहा है।