
helping farmers through website dairygyan.in and whatsapp
इसके बाद गोविन्द ने किसानों व पशुपालकों की समस्याओं के नि:शुल्क सामाधान के लिए ‘डेयरी ज्ञान डॉट इन’ वेबसाइट बनाकर वाट्सएप्प का रास्ता चुना और अब तक उनकी टीम द्वारा करीब 25 हजार किसानों व पशुपालकों की समस्याओं का समाधान फोन किया जा चुका है।
एैसे होता है समस्या का समाधान-
‘डेयरी ज्ञान डॉट इन’ के राजपुरोहित ने बताया कि देश के किसी भी हिस्से में बैठे किसान या पशुपालक हमारे नंबर पर कॉल करके या वाट्सएप्प पर अपनी कृषि व पशुपालन से संबंधित समस्या बता सकते है। इसके बाद हमारे कॉल सेंटर के प्रतिनिधि समस्या सुनने के बाद आवश्यकता होने पर फसल के लक्षण, कीट या गाय, भैंस के बीमार होने या अन्य समस्या का लेकर फोटो वाट्सएप्प पर मंगवाते है। इसके बाद हमारे एक्सपर्ट व सर्टिफाइड चिकित्सक से बात करके किसान व पशुपालक को समस्या का समाधान बताते है। साथ ही वेबसाइट पर किसान व पशुपालकों के लिए सरकारी योजनाओं, उनके नए अपडेट, कृषि व पशुपालन में हो रहे नवाचार की जानकारियां भी लेख व वीडियो के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि हमारी वेबवाइट द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए किसानों व पशुपालकों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
प्रत्येक गांव में बनाए जाएंगे केप्टन -
बताया गया कि किसानों व पशुपालकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक गांव में डेयरी केप्टन बनाए जाएंगे। जो किसानों को नि:शुल्क सेवाएं देंगे।
Published on:
05 Jan 2020 11:56 am
