9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

जोधपुर

जोधपुर के मंडोर में महाराजा अजीतसिंह ने बनवाया था अनूठा महल, गर्मी से राहत पाने के लिए यहां आती थीं रानियां

जोधपुर के मंडोर में महाराजा अजीतसिंह ने बनवाया था अनूठा महल, गर्मी से राहत पाने के लिए यहां आती थीं रानियां

Google source verification

जोधपुर. सत्रहवीं सदी में जोधपुर की रानियों और राजपरिवार की महिलाओं को ग्रीष्मकाल के दौरान गर्म हवा और लू से बचाने के लिए महाराजा अजीत सिंह ने मंडोर उद्यान में अनूठे जनाना महल का निर्माण करवाया था। जोधपुर की सांस्कृतिक ऐतिहासिक धरोहरों में एक जनाना महल स्थापत्य कला का बेजोड़ उदाहरण माना जाता है। वर्ष 1718-19 में महल निर्माण के समय गरम हवाओं की दिशाओं को ध्यान में रखते हुए पहाड़ी के बीच तलहटी की ओट में अपेक्षाकृत ठंडा होने और सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त होने के कारण महल व झरोखों का निर्माण करवाया था।


लाल घाटू के पत्थरों से निर्मित महल परिसर में आज भी एक प्राकृतिक झरना निरन्तर बहता रहता है। नाग गंगा के नाम से प्रसिद्ध झरने के साथ मंडोर क्षेत्रवासियों की आस्था भी जुड़ी है। हर तीसरे साल पुरुषोत्तम मास के दौरान भोगिशैल परिक्रमा में शामिल श्रद्धालु झरने के जल का आचमन करते है। मंडोर आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों को एक थंबा महल की वास्तुकला और स्थापत्य शैली आज भी आकर्षित करती है। जनाना महल परिसर के जीर्णोद्धार के बाद इसी माह परिसर में मंडोर राजकीय संग्रहालय का संचालन शुरू कर दिया गया है।