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शहीदों के आंगन की मिट्टी लेने बुड़किया पहुंचे बेंगलुरु के उमेश

जोधपुर जिले में मेजर शैतानसिंह, अब्दुल हमीद व बुड़किया के भूपेंद्र कालीराणा सहित 7-8 शहीद जवानों के परिवार से वे अब तक मिलकर उनके घर से मिट्टी एकत्रित कर चुके हैं। देश भर के शहीदों के सम्मान में उनके घर के आंगन व उनके स्मारक से ली गई मिट्टी से श्रीनगर में देश का ऐतिहासिक नक्शा एवं अमर शहीदों का विशाल स्मारक बनाया जाएगा।  
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शहीदों के आंगन की मिट्टी लेने बुड़किया पहुंचे बेंगलुरु के उमेश

शहीदों के आंगन की मिट्टी लेने बुड़किया पहुंचे बेंगलुरु के उमेश

भोपालगढ़ (जोधपुर). शहीद जवानों के घर पहुंचकर उनके आंगन की मिट्टी एकत्रित करने के लिए देश भर की यात्रा के लिए निकले बेंगलुरु निवासी उमेश गोपीनाथ जाधव रविवार की शाम भोपालगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के बुड़किया गांव पहुंचे।

जहां पर उन्होंने भारत माता की शान में शहादत का बसंती चोला पहनने वाले शहीद भूपेंद्र कालीराणा के घर पहुंचकर जिस आंगन में भूपेंद्र खेले और पले-बढ़े वहां की मिट्टी का कलश अपने साथ लिया।

जाधव ने बताया कि वे बेंगलुरु में एक म्यूजिकल स्कूल चलाते हैं। शहीद हुए जवानों के घर की मिट्टी से स्मारक बनाने के उद्देश्य से वे 9 अप्रेल 2019 को अपनी निजी कार से देश के 28 राज्यों और 9 केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा पर निकले हैं और उन्हें यह यात्रा 15 मार्च तक पूरी करनी है।

उन्होंने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान उन्हें एक लाख 20 हजार किलोमीटर के करीब यात्रा करनी है और अभी तक वह 73 हजार किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। इसके साथ ही अब तक की यात्रा के दौरान भारत माता की शान में अपनी शहादत देने वाले 106 वीर शहीद हुए जवानों के परिवारों से मिले तथा उनके घर के आंगन की मिट्टी एकत्र की।

उन्होंने बताया कि जोधपुर जिले में मेजर शैतानसिंह, अब्दुल हमीद व बुड़किया के भूपेंद्र कालीराणा सहित 7-8 शहीद जवानों के परिवार से वे अब तक मिलकर उनके घर से मिट्टी एकत्रित कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि देश भर के शहीदों के सम्मान में उनके घर के आंगन व उनके स्मारक से ली गई मिट्टी से भारत माता के मस्तक कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में देश का ऐतिहासिक नक्शा एवं अमर शहीदों का विशाल स्मारक बनाया जाएगा।


ग्रामीणों ने किया स्वागत

जाधव का गांव में पहुंचने पर शहीद भूपेन्द्र के पिता डांवरराम कालीराणा की अगुवाई में स्थानीय ग्रामीणों व अमर शहीद सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।