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प्रदोष वेळा में हो सकेगा होलिका दहन

  जिला प्रशासन की गाइडलाइन के कारण रहेंगे पारम्परिक गेर के रंग फीके
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प्रदोष वेळा में हो सकेगा होलिका दहन

प्रदोष वेळा में हो सकेगा होलिका दहन

जोधपुर. प्रेम सद्भाव का संदेशवाहक होली का त्योहार रविवार को मनाया जाएगा। इस बार होलिका दहन में भद्रामुख बाधक नहीं होने से शाम को प्रदोष की वेळा में होलिका दहन हो सकेगा। रविवार को भद्रा दोपहर 1.53 बजे तक रहेगी। रंगों के त्योहार पर राज्य सरकार व जिला प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन के कारण होली दहन और दूसरे दिन श्लील गाली गायन व विभिन्न समाजों की ओर से निकाले जाने वाली पारम्परिक गेर के रंग फीके रहेंगे। धूलंडी की शाम सोमवार को पारम्परिक श्लील गाली गायन कार्यक्रम में गेर टोलियां इस बार कोविड-गाइडलाइन के कारण धमाल नहीं मचा सकेगी।

पहली बार नहीं निकलेगी 'रावजी की गेरÓ
होली के दूसरे दिन धूलंडी को मंडोर क्षेत्र में रावजी की गेर इस बार कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण स्थगित करने का निर्णय लिया है। रावजी की सामूहिक गेर स्थगित करने का निर्णय शुक्रवार देर रात बैठक में लिया गया। बैठक में रावजी की गेर में शामिल होने वाले गेर समूह के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। मौसम का अनुमान लगाएंगे

मारवाड़ में होली दहन के समय हवा के रूख और अग्नि की लपटों को देखकर आगामी मौसम के बारे में पूर्वानुमान लगाया जाता है। होली दहन के समय तेज हवा चले तो जमाना अच्छा और अग्नि की लपटें बांकी तिरछी हो तो कमजोर माना जाता है। यदि होली की लपटें एकदम सीधी और ऊंची हो तो उसे अकाल की स्थिति का प्रतीक मानते है।

गणगौर पूजन कल से
जोधपुर. महिलाओं के सामूहिक व्रत और पूजन का उत्सव गणगौर होली के दूसरे दिन सोमवार 29 मार्च से आरंभ हो जाएगा। इस पर्व को जोधपुर की महिलाओं की ओर से दो अलग-अलग नाम से मनाया जाता है। पहले चरण में पूजे जाने वाली गणगौर घुड़ला गवर जबकि दूसरे चरण में एक पखवाड़े के बाद धींगा गवर का पूजन किया जाता है। घुड़ला गौर चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को स्थापित होकर उसी दिन से उसकी पूजा आरंभ होती है और चैत्र शुक्ल तीज तक चलती है