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साहब, चार साल से वृद्धा हक की राशि के लिए काट रही सरकारी दफ्तरों के चक्कर अब तो आंखे खोलो

- सरकारी सहायता के लिए वृद्धा शांतिदेवी के पिछले करीब चार वर्ष से सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने का मामला- मानवाधिकार संरक्षण संभाग के अध्यक्ष के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन
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साहब, चार साल से वृद्धा हक की राशि के लिए काट रही सरकारी दफ्तरों के चक्कर अब तो आंखे खोलो

साहब, चार साल से वृद्धा हक की राशि के लिए काट रही सरकारी दफ्तरों के चक्कर अब तो आंखे खोलो

जोधपुर. मानवाधिकार संरक्षण संभाग के अध्यक्ष पुखराज दिवराया के नेतृत्व में शुक्रवार को पदाधिकारियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने सोढ़ा की ढाणी कालीबेरी निवासी शांतिदेवी पत्नी मिश्रीलाल की मदद की गुहार लगाई। ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि शांतिदेवी के पति सहित दो जवान बेटों की अकाल मौत सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी से हुई तथा एक बेटे की कैंसर से मौत हो गई। ऐसे में वृद्धावस्था में शांतिदेवी को जीवन यापन करने में भी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सिलिकोसिस मरीज की मौत के बाद परिजनों को सरकार तीन लाख रुपए की आर्थिक सहायता देती है लेकिन शांतिदेवी उस सहायता राशि के लिए पिछले तीन-चार वर्ष से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट परेशान हो रही है लेकिन अभी तक उसे सहायता राशि नहीं दी गई। जिससे उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने शांतिदेवी की सहायता राशि का अतिशीघ्र भुगतान करवा राहत देने की मांग की। ज्ञापन सौंपते समय
पत्रिका ने उठाई थी वृद्धा की पीड़ा
राजस्थान पत्रिका ने 08 जुलाई के अंक में 'सिलिकोसिस पीडि़त बेटों के इलाज के लिए गहने, जमीन तक बेची लेकिन अफसोस उन्हें नहीं बचा सकीÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिस पर कई सामाजिक संगठन हरकत में आए। इसी के तहत शुक्रवार को मानवाधिकार संरक्षण संभाग के पदाधिकारियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप। वृद्धा को राहत दिलाने की मांग की।