Cm Ashok Gehlot Political Revange Gajendra Singh Shekhawat Amit Shah Pm Modi : मुख्यमंत्री के अपने पार्टी के नेता के बारे में ही ऐसे विचार हैं तो मेरे और अमित शाह जी के प्रति क्या भाव होंगे? यह अंदाजा लगाया जा सकता है,क्योंकि हमने उनके पुत्र को उनके ही शहर में हरा दिया। कांग्रेस पार्टी को पूरे देश में सिमेट कर रख दिया।
Cm Ashok Gehlot Political Revange Gajendra Singh Shekhawat Amit Shahpm modi : केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नाथद्वारा में प्रधानमंत्री के सरकारी कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री के बयान को भी दुर्भाग्यपूण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने जो बातें कहीं, वे व्यापक दृष्टिकोण में कही गई थीं। उस बात को लेकर सीएम ने जो ट्वीट किया, वह गलत है। इस ट्वीट में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी को सरकारी कार्यक्रम में राजनीतिक बयान नहीं देना चाहिए। मेरा कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा महंगाई राहत कैंप जैसे सरकारी आयोजन कराए जा रहे हैं। इसमें मुख्यमंत्री गहलोत स्वयं राजनीतिक भाषण दे रहे हैं।
मेरे मन की सारी ग्रंथियां खुल गई
शेखावत ने मुख्यमंत्री के सचिन पायलट के खिलाफ कहे गए शब्दों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि तथाकथित शानदार पांच साल के शासन के बाद जो पार्टी 21 सीटों पर सिमट गई थी। उस पार्टी के कार्यकर्ताओं में जिस व्यक्ति ने पूरे प्रदेश में सड़कों पर घूमकर उत्साह का संचार किया। उस व्यक्ति के लिए मुख्यमंत्री के विचार सुनकर के मेरे मन की सारी ग्रंथियां खुल गईं। जब उनके अपने पार्टी के नेता के बारे में ही ऐसे विचार हैं तो मेरे और अमित शाह जी के प्रति क्या भाव होंगे? यह अंदाजा लगाया जा सकता है, क्योंकि हमने उनके पुत्र को उनके ही शहर में हरा दिया। कांग्रेस पार्टी को पूरे देश में सिमेट कर रख दिया।
आकंठ भ्रष्टाचार मेें डूबी है सरकार
शेखावत ने कहा कि जनाक्रोश यात्राओं के दौरान जनता से मिलकर यह निष्कर्ष निकला है कि राजस्थान की वर्तमान सरकार आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी है।स्थानीय विधायकों से लेकर के राज्य सरकार स्तर पर बैठे लोगों के कारनामे अलग-अलग दिन में अलग-अलग प्रकार से दिखाई देते हैं। ऐसी सरकार पर जब हम भ्रष्टाचार का आरोप लगाएं तो कहा जा सकता है कि ये राजनीति से प्रेरित हैं, लेकिन उन्हीं की सरकार के पूर्व उप मुख्यमंत्री अपनी गूंगी बहरी सरकार को जगाने के लिए पदयात्रा करने को मजबूर हो जाते हैं तो सारी बातें स्वत: ही स्पष्ट हो जाती है।
भाईचारे की संस्कृति जीवित रहे
शेखावत ने जोधपुर के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जोधपुर का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। यहां की संस्थाओं ने इस बार कई नवाचार किए हैं। हम सब को भी यह संकल्प लेना चाहिए कि हमारे यहां शांति और भाईचारे की संस्कृति है, वह बनी रहे। इस संस्कृति पर दाग लगाने के प्रयास पिछले दिनों हुए थे। इन दागों को धोकर वापस अपनी संस्कृति के सभी रंगों को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। इसके साथ साथ जोधपुर शहर के समग्र विकास को लेकर भी विचार करना चाहिए।