
ब्लैक फंगस की डीएनए बारकोडिंग द्वारा पहचान जरुरी
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के वनस्पति शास्त्र विभाग की ओर से रविवार को ब्लैक फंगस और म्युकरमाइकोसिस पर सामान्य जनमानस में सामाजिक चेतना लाने व भ्रांतियां दूर करने के लिए राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मयंक शर्मा ने म्युकरमाइकोसिस बीमारी के नेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव एवं रोग निदान से संबंधित पहलुओं पर प्रकाश डाला। एमडीएम अस्पताल के कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र चौहान ने ब्लैक फंगस बीमारी की विभिन्न केस स्टडीज के माध्यम से अपना व्यक्तव्य दिया एवं रोग से बचने के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने का सुझाव दिया। डॉ. रमेश जाखड़ ने पोस्ट कोविड जटिलताओं से बचने के लिए तनाव मुक्त रहने, योगासन करने, संतुलित आहार लेने एवं अनुशासित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया।
वेबिनार संयोजक प्रो प्रवीण गहलोत ने ब्लैक फंगस और येलो फंगस के जीनोमिक स्तर पर पहचान के लिए डीएनए बारकोडिंग विकसित करने की विधियों पर अपना की नोट दिया। विवि के कुलपति प्रो प्रवीण चंद्र त्रिवेदी, वनस्पतिशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो एचआर डागला, वेबिनार समन्वयक डॉ अशोक कुमार पटेल, आयोजन सचिव डॉ. अलकेश टाक, छात्रा अदिति गहलोत, छात्रा प्रियंका नागल ने विचार रखे। संचालन डॉ. हितेंद्र गोयल ने किया।
Published on:
27 Jun 2021 06:02 pm
