
धरा पर उगले गए 'जहर' को NGT देख ले तो शामत आ जाए
जोधपुर। प्रदूषण Pollution के मामले में हालही में नेशनल ग्रीन टि्रब्यूनल NGT ने राजस्थान सरकार पर बड़ा जुर्माना लगाया है। लेकिन इसका असर मानो जोधपुर Jodhpur में नजर नहीं आता। प्रत्येक औद्योगिक इकाई को प्राथमिक उपचार करना जरूरी है। लेकिन इसके बावजूद न तो इसकी पालना होती है और न ही मॉनिटरिंग। हैजार्डियस वेस्ट hazardous Waste जो कि सबसे ज्यादा खतरा पैदा करता है, उसको भी खुले में सड़क पर ही निस्तारित किया जा रहा है।
हैजार्डियस वेस्ट के लिए नोटिस तक नहीं
खतरनाक हैजार्डियस वेस्ट को निस्तारित करने के लिए गाइड लाइन बनी हुई है। जिसे खुले में नहीं डाला जा सकता। लेकिन जोधपुर के अधिकांश औद्योगिक क्षेत्रों में यह दृश्य आम है। यहां कई बार प्रदूषित पानी ओवरफ्लाे होने और स्लज के सड़क पर जमा होने के कारण खतरा सबसे ज्यादा होता है। लेकिन हैजार्डियस वेस्ट के लिए कोई नोटिस तक जारी नहीं हुए हैं।
प्राथमिक उपचार धराशाही
औद्योगिक इकाइयों Industry में प्राथमिक उपचार की पालना तक नहीं है। इसी कारण कई बार प्रदूषित पानी का परिवहन करने वाली लाइनें और खुले नाले भी चॉक हो जाते हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण मार्गों पर सड़क किनोर स्लज काफी परेशानी खड़ी कर रहा है।
निधार्रित प्रक्रिया है
औद्योगिक इकाइयों में प्राथमिक उपचार होना जरूरी है। एनजीटी ने इसके लिए निर्देश दे रखे हैं। नियमित जांच करते हैं और गड़बड़ी पाए जाने पर नोटिस भी जारी होते हैं। जहां तक बात हैजार्डियस वेस्ट की है तो इसके लिए विशेष नोटिस नहीं जारी किए गए हैं।
- शिल्पी शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, आरपीसीबी RPCB जोधपुर
Updated on:
29 Sept 2022 07:16 pm
Published on:
29 Sept 2022 07:16 pm
