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अब नहीं चेते तो अस्पताल पड़ जाएंगे छोटे

-आइसोलेशन वार्ड में 500, ऑक्सीजन सपोर्ट पर 100 संक्रमित भर्ती - संभाग के हर जिले में कोविड आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए व्यवथाएं - जोधपुर पर फिर भी पड़ रहा भार  
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अविनाश केवलिया. जोधपुर.

जोधपुर जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 15 हजार के पार है और इस लिहाज से हम प्रदेश में न चाहते हुए सबसे आगे हैं। लेकिन इसके अलावा डराने वाली तस्वीर और सामने आ रही है। कम्युनिटी संक्रमण की दहलीज पार कर चुका कोरोना किस हद तक बढ़ेगा इसका अंदाजा किसी तो नहीं, एक लेकिन एक बात तो तय है कि जो ट्रेंड अब सामने आ रहा है इस लिहाज से आने वाले कुछ दिनों में समय रहते हम सतर्क नहीं हुए और प्रशासन ने उचित व्यवस्था नहीं की तो हालात यह होंगे कि अस्पताल भी छोटे पडऩे लग जाएंगे। कोविड मैनेजमेंट का अभी जो इंफ्रास्ट्रक्चर है और अस्पतालों में जो धीरे-धीरे मरीजों का पहुंचना बढ़ रहा है उस पर खास रिपोट...र्।

फैक्ट फाइल

- 3 हजार के करीब जोधपुर में एक्टिव केस चल रहे हैं।

- 23 सौ से ज्यादा होम आइसोलेशन में।

- 500 से ज्यादा संक्रमित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती चल रहे।

- 100 से ज्यादा ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम पर है।

- 80 आइसीयू में भर्ती।

- 50 मौतें पिछले 10 दिन में हो चुकी है।

(यह आंकड़े प्रतिदिन बदलते हैं, यह स्थिति 9 सितम्बर की है)

यह है जोधपुर में व्यवस्थाएं

- सरकारी अस्पतालों में 2104 आइसोलेशन बैड-वार्ड की व्यवस्था है। इनमें से 500 से ज्यादा पर संक्रमित भर्ती है। यानि करीब 25 प्रतिशत। यह संख्या तेजी से बढ़ सकती है।

- जिले में कोविड संक्रमितों के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम वाले 740 बैड है। इनमें से 100 से ज्यादा पर मरीज भर्ती है। यानि 15 प्रतिशत।

- 126 आइसीयू बैड उपलब्ध है वर्तमान में जिले में। उसमें से 80 पर मरीज भर्ती है। यानि 75 प्रतिशत के करीब। महज 25 प्रतिशत आइसीयू बैड रिक्त है।
- कोविड केयर सेंटर पर 500 बैड की व्यवस्था है, वर्तमान में 80 से ज्यादा भर्ती है। यहां माइल्ड लक्षण वालों को रखा जाता।

अब ट्रेंड ऐसा कि अधिकांश को अस्पतालों की जरूरत

संक्रमितों में अब ट्रेंड ऐसा आ रहा है कि होम आइसोलेशन की जगह अधिकांश को अस्पतालों की जरूरत पड़ रही है। वर्तमान में जो एक्टिव केस है उसमें से 75 प्रतिशत होम हाइसोलेशन में है। बाकि 25 प्रतिशत अलग-अलग अस्पतालों व कोविड केयर सेंटर्स में उपचार ले रहे हैं। आने वाले समय में यदि अस्पतालों में उपचार लेने वालों का प्रतिशत बढकऱ 50 तक पहुंचता है तो व्यवस्थाएं संभालने वालों के लिए चिंता की बात होगी।

संभाग के हर जिले का भार जोधपुर पर

संभाग के पांच जिलों पाली, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर और सिरोही में वर्तमान में 15 सौ से ज्यादा एक्टिव केस हैं। इनमें करीब 800 लोग ही होम आइसोलेशन में है। इसके अलावा अन्य संक्रमितों को चिकित्सा संस्थाओं में भर्ती करवाया गया है। ज्यादा गंभीर मरीज को जोधपुर भेजा जा रहा है।

संभाग में व्यवस्थाएं

- 5 जिलों में 200 से ज्यादा ऑक्सीजन सपोर्ट बैड है।

- जबकि इन बैड पर भर्ती एक भी नहीं।

- 37 आइसीयू बैड पांच जिलों, भर्ती महज 12 मरीज है।

- अधिकांश या तो रेफर कर दिए जाते हैं, या कुछ खुद बेहतर इलाज के लिए जोधपुर आ जाते हैं।