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डॉक्टर पत्नी को परेशानी हुई तो आइआइटियन पति ने बनाया मेडिकल एप

corona news - अब तक 40 डॉक्टर जुड़े, देश-विदेश में सब जगह काम करेगा एप- सामान्य ओपीडी चालू नहीं रहने पर मरीज अब मोबाइल के जरिए डॉक्टर से सवाल-जवाब कर सकेंगे
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डॉक्टर पत्नी को परेशानी हुई तो आइआइटियन पति ने बनाया मेडिकल एप

डॉक्टर पत्नी को परेशानी हुई तो आइआइटियन पति ने बनाया मेडिकल एप

जोधपुर. कोरोना महामारी के इस दौर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में डॉक्टर पत्नी को हुई परेशानी से प्रेरणा लेते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) के कम्प्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर पति सुमित कालरा ने मेडिकल एप्लीकेशन विकसित कर दी। इसके जरिए घर बैठे कोई भी मरीज एप में शामिल डॉक्टर से सामान्य उपचार ले सकता है। लॉकडाउन पीरियड में कई अस्पतालों की ओपीडी बंद होने से परेशान मरीज व उनके परिजन इस एप का फायदा ले सकेंगे।

डॉक्टर टेक्सट मैसेज, ऑडियो व वीडियो चैट के जरिए मरीज से मुखातिब होगा। अब तक इसमें जोधपुर के अलावा बीकानेर, उदयपुर, उत्तरप्रदेश और पंजाब से40 डॉक्टर वॉलेंटरी सेवा देने के लिए रजिस्टर्ड हो चुके हैं। फिलहाल इसका लिंक कोविड डोट आइआइटी जे डोट एसी डोट इन पर उपलब्ध है। विशेष बात यह है कि यह हिंदी में बनाई गई है। एक महीने के भीतर इसे एंड्राइड एप के रूप में गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा।

डॉक्टर को ऐसे बताएं अपनी परेशानी
आइआइटी जोधपुर की वेबसाइट पर दिए इस लिंक पर क्लिक करते ही कोविडोक टेली कंसल्टेंसी नामक पोर्टल खुलेगा। यह हिंदी भाषा में है। इसमें नया परामर्श या पुराना परामर्श से से किसी एक पर क्लिक करके आगे बढ़ेंगे। मरीज के अपनी जानकारी और डॉक्टर चयन करते ही संबंधित डॉक्टर के पास एक ई-मेल चला जाएगा। डॉक्टर उसी समय या बाद में मरीज के साथ चैट कर सकता है। सर्जरी, स्किन बीमारी के मरीज अपनी फोटो खींचकर डॉक्टर को भेज सकते हैं। डॉक्टर अपने हाथ से प्रेस्क्रिप्शन लिखकर उसकी फोटो भेज देगा। डॉक्टर चाहे तो मरीज को रैफर भी कर देगा। आइआइटी के इस एप में मरीज की हिस्ट्री भी सुरक्षित रहेगी।

ऐसे मिली प्ररेणा
सुमित की पत्नी डॉ. प्रीति एम्स जोधपुर में पैथोलॉजी विभाग में कार्यरत है। अभी सामान्य ओपीडी बंद है। डॉ. प्रीति के एक 71 वर्षीय डायबिटीज व हृदय रोगी रिश्तेदार को संक्रमण हो गया। उन्होंने फोन पर प्रीति से परामर्श चाहा। उन्होंने फोन मेडिसिन विभाग में कार्यरत अपनी मित्र डॉक्टर को थमाया। उन्होंने मरीज को फोन पर ही परामर्श दे दिया। यहीं से सुमित को ऐसा एप विकसित करने की प्रेरणा मिली।

अन्य डॉक्टर भी जोड़ रहे हैं
इस एप से हम पूरा हॉस्पीटल और स्वैच्छिक डॉक्टर भी जोड़ रहे हैं, जिससे देश भर में कहीं भी मरीज किसी भी डॉक्टर से परामर्श ले सकें। इससे ओपीडी बंद होने की समस्या से निपटा जा सकेगा।
-अमरदीप शर्मा, पीआरओ, आइआइटी जोधपुर