जोधपुर ब्याही उदयपुर की राजकुमारी के आराध्य रहे है इकलिंग महादेव


सूर्यनगरी के शिवालय -12

By: Nandkishor Sharma

Published: 02 Aug 2020, 11:15 PM IST

जोधपुर. भूतेश्वर वन क्षेत्र की पहाडि़यों में स्थित प्राचीन इकलिंग महादेव मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग विराजित है। मंदिर प्रांगण में शिव परिवार गणेश, पार्वती, कार्तिकेय तथा सूर्यदेव के विग्रह के अलावा नर्मदा नदी के तट से लाया गया एक अन्य प्राचीन शिवलिंग नर्बदेश्वर भी है। श्रावण मास के दौरान मंदिर में पूरे माह महारुद्राभिषेक किया जाता है। श्रावण सोमवार को विशेष आकर्षक फूल मंडली, मेवों, ऋतुफलों, विजया आदि से इकलिंग महादेव का शृंगार किया जाता है। प्राचीन शिवालय तक चांदपोल के बाहर तापडि़या बेरा के पास होते हुए पहुंचा जा सकता है। मंदिर तक पहुंचने का दूसरा रास्ता कायलाना चौराहा कबीर नगर तथा प्रतापनगर से भी है। प्राचीन मंदिर के बारे में कहा जाता है कि महाराजा विजयसिंह के शासनकाल में जोधपुर ब्याही गई उदयपुर की राजकुमारी को इकलिंग महादेव का इष्ट था। विवाह से पूर्व राजकुमारी प्रतिदिन इकलिंग महादेव के दर्शन के बाद ही भोजन करती थी। जोधपुर विवाह के बाद इकलिंग महादेव ने उन्हें स्वप्न में आकर दृष्टांत दिया कि वे जोधपुर नगर के पश्चिम छोर पर स्थित पहाड़ी पर बने जंगल में प्रकट हो गए है। तब महारानी ने सुबह उठते ही इस बात का पता लगवाया। मंदिर का पता चलने पर वे मौके पर पहुंची और दर्शन छोटा सा मंदिर बनवाया जिसे इकलिंग महादेव के नाम से जाना जाता है।

Nandkishor Sharma Desk
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