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लो अब नगर निगम का अतिक्रमण निरीक्षक ही कर रहा अवैध निर्माण, अवैध तरीके से आ रही बजरी

महापौर के घर से ठीक एक किलोमीटर की दूरी पर हो रही अवैध कॉमर्शियल गतिविधि  

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अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. नगर निगम इन दिनों शहर में अवैध निर्माण गतिविधियों के खिलाफ सघन अभियान चला रहा है। दूसरी तरफ अतिक्रमण रुकवाने का दायित्व संभाल रहे अतिक्रमण निरीक्षक गोपाल ओझा खुद अवैध निर्माण करवा रहे हैं। मसूरिया स्थित संतोषपुरा कच्ची बस्ती में हो रहा यह निर्माण पूर्णत: कॉमर्शियल है। इसकी निगम से अनुमति नहीं ली गई। 30 मई को शिकायत पहुंचने के एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी नगर निगम ने अतिक्रमण निरीक्षक के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। ओझा का आवास महापौर के घर से ठीक एक किलोमीटर की दूरी पर है। संतोषपुरा कच्ची बस्ती स्थित जिस भूखण्ड पर अवैध निर्माण हो रहा है उसे ओझा अपनी मां के नाम बता रहे हैं। उनकी मां का देहांत एक साल पूर्व हो गया था। वार्ड सफाई निरीक्षक की ओर से गत 30 जून को निगम से परमिशन नहीं लेने की डिटेल भी प्रस्तुत की थी। इस पर अभी तक केवल एक्शन की प्रक्रिया चल रही है।

पट्टे हैं नहीं, बजरी लाए कहां से?

निगम ने 19 साल पहले, मई 1999 में संतोषपुरा कच्ची बस्ती का सर्वे करवाया था। इस क्षेत्र में करीब 250 आवासी लोग पट्टे का इंतजार कर रहे हैं। सवाल यह है कि बजरी पर प्रतिबंध होने के बाद भी वे बजरी कहां से लाए?

अधिकारियों को बता दिया

यहां 20 साल पहले से फिल्म हॉल व दुकानें चल रही थी। दो वर्ष पहले आग लग गई। दो कारें जल गई। जगह को पुन: तैयार किया जा रहा है। निगम को लिखकर दे दिया है कि यहां पट्टे की कार्यवाही चल रही है। नियमानुसार जो शुल्क होगा, जमा करवा देंगे। अधिकारियों को जानकारी दे दी है और डॉक्यूमेंट्स पेश कर दिए हैं।

- गोपाल ओझा, अतिक्रमण निरीक्षक, सरदारपुरा जोन

हमने नोटिस दिया है

निर्माण से पहले नियमानुसार परमिशन लेनी होती है। ओझा अधिकारी हैं, उन्हें ध्यान रखना चाहिए। हमने उनको नोटिस दिया था। उनका जवाब आया है कि भूखण्ड उनकी माता का है और अब पोते के नाम है। उनका कहना है कि उनके नाम से गलत नोटिस जारी हुआ है।

- एनएल मीणा, उपायुक्त, सूरसागर जोन

मैं दिखवा लेता हूं

यह प्रकरण मेरे ध्यान में नहीं है। अब दिखवा लेता हूं।


- ओमप्रकाश कसेरा, आयुक्त, नगर निगम