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TEXTILE—15 से अधिक गांवों तक अवैध धुलाई की मार

- 200-250 इकाइयां हो रही संचालित - टेक्सटाइल की अवैध इकाइयों का पानी जोजरी होते हुए पहुंच रहा आसपास के गांवों में -नदियों के साथ खेत हो रहे खराब
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जोधपुर

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Amit Dave

Nov 25, 2022

TEXTILE---15 से अधिक गांवों तक अवैध धुलाई की मार

TEXTILE---15 से अधिक गांवों तक अवैध धुलाई की मार

जोधपुर।

जोधपुर के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध भूमि पर अवैध रूप से चल रही टेक्सटाइल इकाइयों में धड़ल्ले से धुलाई, रंगाई-छपाई की मार आसपास के गांवों तक पहुंच गई है। करीब 200-550 इकाइयों का अनुपचारित पानी जोजरी नदी व खेतों में धड़ल्ले से बहाया जा रहा है। इससे जोधपुर के आसपास के करीब 15 से ज्यादा गांव प्रभावित हो रहे है। जिससे नदी प्रदूषित होने के साथ खेत बर्बाद हो रहे है।

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यह गांव होते हैं प्रभावित

अवैध इकाइयों का जोजरी नदी में बहाया जा रहा पानी जोजरी नदी के आसपास से गुजरने वाले करीब 15 से अधिक गांवों में पहुंच रहा है। जिनमें तनावड़ा, सालावास, नंदवान, हीर खेड़ा, भाखरासनी, सालावास रेलवे स्टेशन क्षेत्र, भांडु कला, खारड़ा भांडु, बेरो की ढाणी, रामनगर, जाटयासनी, लूणावास कला, धवा, मेलबा, पिपराली, राजेश्वर नगर व बाड़मेर जिले के डोली व अराबा गांवों के खेतों तक पानी चला गया है। जो जमीन को खराब कर रहा है। इसका सर्वाधिक प्रभाव विशेषकर मानसून में ज्यादा देखने को मिलता है।

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एक ही प्लांट, ट्रीट हो रहा 400 इकाइयों का पानी

वर्तमान में सांगरिया स्थित सीइटीपी से टेक्सटाइल व स्टील की करीब 400 इकाइयों का अपशिष्ट पानी उपचारित किया जा रहा है। जोधपुर पॉल्यूशन कंट्रोल एण्ड रिसर्च फाउंडेशन से करीब 315 टैक्सटाइल और 90 स्टील री-राेलिंग इकाइयां जुड़ी हुई है। टेक्सटाइल इकाइयों का अधिकतम 18.5 एमएलडी और स्टील व अन्य इकाइयों का 1.5 एमएलडी अपशिष्ट पानी उपचारित किया जा रहा है।

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इनका कहना है

जोजरी नदी के नाले में सिल्ट (गाद ) जमा हो गई हैं, इससे नदी ने अपना रास्ता बदल दिया हैं । बरसात आने पर नदी का पानी आसपास के खेतों में भर जाता हैं। अगर नदी के मूल बहाव में से गाद निकाल कर दोनों तरफ नदी के तट बांध दिए जाएं तो नदी का पानी गांवों में नहीं फैलेगा और स्थाई समाधान हो जाएगा ।खम्मूराम सियाग, सहायक अभियंता

पंचायत समिति, धवा

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जोजरी के दूषित पानी को रोकने के लिए कई बार आंदोलन किए लेकिन आज दिन तक पानी नहीं रुका। इससे किसानों के खेत बर्बाद हो रहे हैं।

ओमाराम पटेल, सरपंच

सालावास

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जोधपुर की फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त पानी जोजरी नदी में बहने से हजारों बीघा किसानों की जमीन खराब हो रही है। इसको बचाने के लिए प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन देकर समस्या बताई गई, लेकिन आज दिन तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

संपतराज गहलोत, किसान नेता व अध्यक्षमाली समाज

सालावास