AGRICULTURE UNIVERSITY----'अविशान मेंढ़ोंÓ से होगा भेड़ों में नस्ल सुधार

- कृषि विश्वविद्यालय की एक पहल

By: Amit Dave

Published: 23 Feb 2021, 06:43 PM IST

जोधपुर।
कृषि विश्वविद्यालय के अधीन प्रसार शिक्षा निदेशालय की ओर से संचालित फ ार्मर फ स्र्ट प्रोग्राम के अतंर्गत स्थानीय भेड़ों की नस्ल सुधार के लिए भेड़पालकों को तीन अविशान मेंढ़ों का वितरण किया गया। विवि कुलपति डॉ बीआर चौधरी ने मणाई, बालरवा व बींजवाडिया के भेड़ पालकों को अविशान मेंढ़ों का वितरण किया। निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ ईश्वरसिंह ने बताया कि फ ार्मर फ स्र्ट प्रोग्राम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली व अटारी जोधपुर द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रम है। जो इन गांवों में किसानों की आय वृद्धि के लिए चलाया जा रहा है।
अविशान ऊन व भेड़ दोनों के पाली जाती है
केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान अविकानगर द्वारा अविशान भेड़ विकसित की गई है, जो गैरोल, पाटनवाडी व मालपुरा के संकरण से तैयार की गई है। अविशान नस्ल मांस व ऊन दोनों के लिए पाली जाती है। पश्चिमी राजस्थान के लिए उपयुक्त पाई गई है। यह नस्ल 15-20 प्रतिशत तक अधिक ऊन उत्पादन देती है। प्रति वर्ष इन मेंढ़ों द्वारा 300 भेड़ों के संकरण का लक्ष्य रखा गया है।
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Amit Dave Reporting
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