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उपकरण तो पूरे आए नहीं, ग्रीस लगा कर रहे रखरखाव

- डिस्कॉम का मेंटनेंस अभियान - आवश्यकता के अनुसार एक चौथाई भी नहीं आए उपकरण - डिस्कॉम ने खरीद के लिए लगा रखे हैं टेंडर  

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उपकरण तो पूरे आए नहीं, ग्रीस लगा कर रहे रखरखाव

जोधपुर. दिवाली पर शहर को रोशन करने के लिए अभी घरों की बिजली काटी जा रही है। अलग-अलग क्षेत्र में रखरखाव के नाम पर तीन से चार घंटे बिजली काटी जा रही है। प्रतिदिन पांच से सात जीएसएस क्षेत्र में रखरखाव हो रहा है। खास बात यह है कि मेंटेनेंस के लिए जिन उपकरणों की आवश्यकता है वह टेंडर प्रक्रिया के बाद भी पूरे नहीं मिल पा रहे हैं।
साल में दो बार इस प्रकार के शट डाउन लिए जाते हैं। मानसून पूर्व जो रखरखाव के नाम पर बिजली काटी जाती है उसमें उपकरणों की कोई सुध नहीं लेता। हर साल दिवाली से पहले यह मेंटनेंस होती है। इसका उद्देश्य है कि दिवाली से पहले सिस्टम का नवीनीकरण किया जाए और लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध हो। खास बात यह है कि मेंटनेंस के नाम पर एक माह तक चलने वाले इस अभियान में बिजली कटौती तो हो रही है लेकिन बिना उपकरणों के सिर्फ ग्रीस लगाकर ही मेंटेनेंस का काम चलाया जा रहा है।

इन उपकरणों की आवश्यकता फील्ड में

एल्यूमीनियम लग, कॉटन टैप, पैरा टेप, एम्पायर टेप, पीवीसी टेप, अलग-अलग साइज के क्लैंप, स्क्रूड्राइवर, फेस टेस्टर आदि उपकरणों की आवश्यकता होती है। लेकिन वर्तमान में यह उपकरण न के बराबर है। मेंंटेनेंस से पहले इनकी सप्लाई संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों को हो जानी चाहिए थी। लेकिन रखरखाव का आधा समय गुजर गया है। अब करीब २० दिन का काम बाकी है। अब कुछ दिन और इन उपकरणों की आपूर्ति नहीं होती है तो इस रखरखाव का भी कोई महत्व नहीं रह जाएगा।
रखरखाव अभियान

- मानसून से पहले एक माह में कटाई-छंगाई के नाम पर कटी बिजली।
- अब दिवाली से पहले एक माह प्रतिदिन तीन से चार घंटे अलग-अलग क्षेत्रों में शटडाउन।

- साल में एक बार बड़ा मेंटनेंस अभियान चलता है।
- इसमें प्रसारण निगम के बड़े जीएसएस से लेकर डिस्कॉम वितरण जीएसएस और ट्रांसफार्मर तक की सुध लेता है। इसके बावजूद हर साल उपकरणों के नुकसान का आंकड़ा करीब करोड़ों रुपए में है।

करंट फ्लो चेक करते हैं

डिस्कॉम का दिवाली पूर्व टारगेट है कि शहर और गांव ही हर गली नुक्कड़ पर लगे ट्रांसफार्मर में करंट फ्लो चेक किया जाए। इससे दिवाली पर किसी प्रकार के हादसे को टाला जा सके।
ऑयल और जीओ की मेंटनेंस

बिजली सिस्टम को जो सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है वह ट्रांसफार्मर ऑयल और जीएसएस पर लगे जीओ से होते हैं। हर साल करीब एक करोड़ से अधिक का नुकसान इन दो उपकरणों के कारण ही होता है।
मानसून पूर्व कटाई-छंगाई का काम

मानसून पूर्व भी डिस्कॉम की ओर से रखरखाव किया जाता है। उसमें एेसे क्षेत्र चिह्नित किए जाते हैं जहां बिजली तारों के आस-पास कोई झाडि़यां या पेड़ की टहनियां आ जाती हैं। तब भी एेसे क्षेत्रों में तीन से चार घंटे तक बिजली बंद कर यह रखरखाव किया जाता है। यह अमूमन जून-जुलाई माह में होता है।

इनका कहना

रखरखाव के कार्यक्रम के दौरान मूलभूत सामान की आवश्यकता रहती है। लेकिन अभियंताओं व कर्मचारियों के पास वो उपकरण ही नहीं है। प्रशासन की ओर से जवाब दिया जा रहा है कि सप्लाई का काम पाइप लाइन में है। अब जल्द आपूर्ति नहीं हुई तो हम खुल कर विरोध जताएंगे।
- भूपेन्द्र बोहरा, अध्यक्ष, बेजोड़ जोधपुर शहर शाखा

मानसून से पहले इस बार रखरखाव शटडाउन नहीं लिए गए थे। दिवाली से पहले मेंटनेंस पूरा करना है। साल में एक बार यह करना जरूरी है। इससे उपकरणों की लाइफ भी बढ़ती है।

- विजयकिशन छंगाणी, अधीक्षण अभियंता, शहर वृत, जोधपुर डिस्कॉम