
मगरा पूंजला व मसूरिया में पुलिस की मौजूदगी में कोरोना रूपी राक्षस का दहन
जोधपुर. सत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक पर्व विजयदशमी सूर्यनगरीवासियों ने सादगी से मनाया। विजयदशमी पर्व के उपलक्ष्य में हर साल गोधुली वेला में अहंकार और बुराई के प्रतीक रूप में दहन किए जाने वाले रावण और उसके परिजनों के पुतलों का दहन इस बार नहीं होने से जोधपुर का रावण चबूतरा मैदान वीरान पड़ा रहा। हर साल दशहरे को रावण दहन के बाद आकर्षक आतिशबाजी देखने से वंचित बच्चों ने शहर के विभिन्न मोहल्लों व कॉलोनियों में बुराई के प्रतीक का पुतला बनाकर दहन किया गया। बच्चों ने अपने स्तर पर रावण के पुतले बनाए और अभिभावकों के निर्देशन में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए पुतलों का दहन किया।
कोरोनारूपी राक्षस के रूप में दहन
मंडोर क्षेत्र में नारायण सेवा समिति मगरा पूंजला की ओर से चैनपुरा क्षेत्र में कोरोना रूपी राक्षस के रूप में करीब 15 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन पुलिस की मौजूदगी में किया गया। दहन के दौरान केवल पुलिस जाप्ता और समिति के सीमित सदस्य मौजूद रहे। दशानन के मुकुट को कोरोना का स्वरूप प्रदान किया गया। दहन के बाद प्रतिकात्मक रूप से आतिशबाजी भी की गई। मसूरिया क्षेत्र के युआइटी कॉलोनी मैदान में भी क्षेत्रवासियों ने सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए प्रतीकात्मक रूप में रावण के पुतले का दहन किया।
Published on:
25 Oct 2020 07:06 pm
