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ऐसे तो कहीं बढ़ न जाए आतंकवाद, केन्द्र ने अटकाया सेना को भी..

सीमा पर फिर चौकियां खोलने के प्रस्ताव केन्द्र के पास अटके

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checkpoints on the border

ऐसे तो कहीं बढ़ न जाए आतंकवाद, केन्द्र ने अटकाया सेना को भी..

- कई माह पहले भेजे गए थे प्रस्ताव

जोधपुर. राजस्थान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर खुफिया तंत्र मजबूत करने के साथ अभेद्य सुरक्षा तंत्र के लिए केन्द्र सरकार को बॉर्डर इंटेलीजेंस की 24 चौकियां स्थापित करने के लिए भेजे गए प्रस्तावों को स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। कई माह पहले भेजे गए प्रस्ताव सरकार के पास अटके हुए हैं। बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ)के जाने के बाद 17 चौकियों को बंद कर दिया गया था। इनको फिर शुरू करने के लिए प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भी लिखा था।
राजस्थान से पाकिस्तान की 3323 किलोमीटर सीमा लगती है। सीमा पर अवांछनीय गतिविधियों की सूचना एकत्र करने के लिए पूर्व में बॉर्डर इंटेलीजेंस की चौकियां स्थापित की गई थी। बॉर्डर क्षेत्र के चार जिलों जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में करीब 40 चौकियां स्थापित की गई। बाद में वर्ष 1995 और 2009 में इनमें से 17 चौकियां बंद कर दी गई थी। सीमावर्ती गांवों में तस्करी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियां बढऩे पर राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने एक मार्च 2017 को बंद चौकियों को पुन: शुरू करने और सात नई चौकियां (कुल 24 चौकियां) स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा था। उस पर अब तक सहमति नहीं मिली है। पूर्व में स्थापित की गई चौकियों के कार्यालय पुलिस के पास संरक्षित हैं, लेकिन चौकियों के लिए 144 पदों की मांग की जा रही है और चौकियों को शुरू करने पर सालाना साढ़े चार करोड़ खर्च होने का अनुमान है।

सीमावर्ती गांवों में तस्करी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियां बढऩे पर राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने एक मार्च 2017 को बंद चौकियों को पुन: शुरू करने और सात नई चौकियां (कुल 24 चौकियां) स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा था। उस पर अब तक सहमति नहीं मिली है।

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इनका कहना...
खुफिया तंत्र को मजबूत करने के लिए बॉर्डर पर चौकियां फिर से शुरू करने का प्रस्ताव कुछ माह पहले सरकार के मार्फत भेजा गया है। फिलहाल इसकी स्वीकृति नहीं मिली है।

यूआर साहू, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलीजेंस)