
देश के 21 आयकर अधिकारियों को केंद्र सरकार ने किया जबरन रिटायर, जोधपुर के इन दो अफसरों को दिखाया घर का रास्ता
जोधपुर. भ्रष्ट आचरण आयकर विभाग के 21 अफसरों को भारी पड़ा है। रिश्वत व अन्य आरोपों से घिरे कई अफसरों को केन्द्र सरकार ने घर का रास्ता दिखा दिया है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मंगलवार को इस संबंध में पांचवी सूची जारी कर समूह बी के 21 अधिकारियों को जबरन रिटायर करने के आदेश जारी किए। इनमें से अधिकांश ऐसे अधिकारी हैं, जिन्हें सीबीआई ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
किसी के बैंक लॉकर में 20 लाख रुपए से अधिक नगद मिले थे तो किसी ने अपनी पत्नी के नाम लाखों रुपए अवैध तरीके से निवेश कर रखे थे। इन भ्रष्ट अधिकारियों में राजस्थान के चार अफसर हैं, जिनमें से दो जोधपुर में कार्यरत हैं। जोधपुर में पदस्थापित आइटीओ आरके बोथरा व आरएस सिसोदिया शामिल हैं। वहीं सवाई माधोपुर के केएल मीना व बीकानेर के एचके फुलवारिया को भी अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है।
रिश्वत मांगने सहित विभिन्न आरोप
जोधपुर में कार्यरत बोथरा को भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने टे्रप किया था, जिसकी जांच भी चल रही है। इसके अलावा बोथरा को कई मामलों में चार्जशीट भी मिल चुकी हैं। इसी तरह टीडीएस विंग में पदस्थापित सिसोदिया को रिश्वत मामले में सीबीआई ने ट्रेप किया था। सवाई माधोपुर में पदस्थापित केएल मीना पर भी रिश्वत मांगने का आरोप है। वहीं बीकानेर में पदस्थापित एचके फुलवारिया पर 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है। फुलवारिया को भी सीबीआई ने ट्रेप किया था।
अधिकारियों से दुव्र्यवहार की शिकायत
बोथरा पर विभाग के उच्चाधिकारियों से दुव्र्यवहार सहित कई आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि विभिन्न मामलों में बोथरा ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुचित दबाव डालने का प्रयास किया। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों की शिकायत पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, जो जारी है। इसी तरह सिसोसिया भी भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में लिप्त पाए गए हैं। इन अधिकारियों ने कर चोरी के विभिन्न मामलों में सैटलमेंट के नाम पर रिश्वत का खेल भी खेला।
Updated on:
27 Nov 2019 01:36 pm
Published on:
27 Nov 2019 01:36 pm
