
Indian and Russian Air Force joint war practice in Jodhpur
जोधपुर। भारत और रूस की वायु सेना का संयुक्त युद्धाभ्यास एवीन्द्र-2018 सोमवार से जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर शुरू हो गया। रूसी वायु सैनिकों ने पहले दिनभारतीय लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई और रुद्र हेलीकॉप्टर उड़ाया।
21 दिसम्बर तक चलने वाले भारतीय वायुसेना और रूस की रशियन फैडरेशन एयरोस्पेस फोर्स के संयुक्त युद्धाभ्यास की खास बात है कि रूसी वायुसैनिक अपने साथ लड़ाकू विमान व हेलीकॉप्टर नहीं लाए हैं। वे भारतीय वायुसैनिकों के साथ ही उनके विमान व हेलीकॉप्टर उड़ाएंगे। भारतीय वायुसेना में अधिकांश लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर व हथियार रूस से आयातित होने की वजह से रूसी एयरफोर्स खाली हाथ ही जोधपुर आई है।
युद्धाभ्यास के निरीक्षण के लिए भारत के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ 19 दिसम्बर को जोधपुर आएंगे। भारत और रूस की वायुसेना के बीच इस तरह के अभ्यास की शुरुआत 2014 में हुई थी। यह दूसरा अभ्यास है। यह दो फेज में होता है। एविइंद्रा-2018 का पहला फेज दो महीने पहले 17 से 28 सितम्बर को रूस के लिपेटस्क में हुआ था।
दो महाशक्तियों के साथ युद्धाभ्यास:
भारत विश्व की दो महाशक्तियों के साथ अपनी धरती पर एक साथ युद्धाभ्यास कर रहा है। पश्चिमी छोर पर जहां रूसी वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास होगा, वहीं पूर्वी छोर पर पश्चिमी बंगाल के कलाईकुण्डा एयरफोर्स स्टेशन पर अमरीकी वायुसेना के साथ युद्धाभ्यास कोपइंडिया-2018 चल रहा है जो 14 दिसम्बर तक चलेगा। आतंकवादी गतिविधियों पर रहेगा फोकस युद्धाभ्यास का मुख्य फोकस आतंकवाद निरोधी कार्यों पर रहेगा। दोनों देशों के वायुसैनिक आतंकवादी ठिकानों पर सुव्यवस्थित तरीके से एयर अटैक करने के साथ अन्य रणनीति तैयार करने पर चर्चा करेंगे।
Published on:
10 Dec 2018 01:11 pm
